अदालत ने पानी दूषित करने वालों को दिया रिमाइंडर देने का आदेश, अगली सुनवाई 27 मार्च को
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संवाद न्यूज एजेंसी
गोहर (मंडी)। गोहर उपमंडल में पीलिया के मरीज अब 240 के पार पहुंच गए हैं। बार एसोसिएशन की ओर से दायर मुकदमे की दूसरी सुनवाई बुधवार को सिविल कोर्ट में हुई। सुनवाई के दौरान पंचायतों और स्वास्थ्य विभाग ने अपनी रिपोर्ट पेश की, लेकिन अदालत ने पंचायत सचिवों को सख्त हिदायत दी कि वे पानी दूषित करने वालों को रिमाइंडर जारी करें, नहीं माने तो जुर्माना लगाया जाए।
गोहर पंचायत ने 45, बासा पंचायत ने 6, चैलचौक पंचायत ने 9, नौण पंचायत ने 4, चच्योट पंचायत ने 12, गणई पंचायत ने 15, अभिलाषी यूनिवर्सिटी समेत स्वास्थ्य विभाग ने कुल 70 से अधिक लोगों को नोटिस जारी किए हैं। जल शक्ति विभाग ने अदालत को बताया कि पेयजल आपूर्ति योजनाओं से जुड़े 400 नलकों के सैंपल पास पाए गए हैं। तीन पेयजल योजनाओं को बंद कर दिया गया है और फिलहाल बीबीएमबी जलाशय से पानी की आपूर्ति की जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि अब तक 240 से ज्यादा मरीज सामने आए हैं, जिनमें से 201 ठीक हो चुके हैं। विभाग ने जागरूकता अभियान तेज कर दिया है। सिविल अस्पताल गोहर में अलग से पीलिया वार्ड बनाया गया है।
प्रशासन ने जानकारी दी कि कचरा प्रबंधन के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। नौण पंचायत में प्लास्टिक वेस्ट के लिए इंतजाम कर दिए गए हैं। गोहर में भी प्रबंधन शुरू हो गया है। वन विभाग के साथ मिलकर गीले कचरे को उठाने के लिए जगह तलाशी जा रही है।
बार एसोसिएशन के सह सचिव अधिवक्ता अभिनव शर्मा ने कहा कि नोटिस जारी करना अच्छा है, लेकिन असली जरूरत स्थायी समाधान की है। उन्होंने जोर दिया कि पंचायतें और जल शक्ति विभाग अब केवल रिपोर्टिंग पर न रहें, बल्कि सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट और कचरा प्रबंधन पर ठोस काम करें। अगली सुनवाई 27 मार्च को तय की है। स्थानीय लोग उम्मीद कर रहे हैं कि कोर्ट के सख्त रुख से प्रशासन और पंचायतें अब जिम्मेदारी से काम करेंगी और गोहर में पीलिया जैसी बीमारी दोबारा नहीं फैलेगी।