कुथाह मेले में पहुचें देवी देवता कारदारो व देवलूओं के साथ संवाद
गोहर (मंडी)। देव तुंगासी और देवी महामाया के रथों के आगमन के साथ ही जंजैहली घाटी का ऐतिहासिक कुथाह मेला श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ शुरू हो गया है। कुथाह मेला 22 से 30 मई तक मनाया जाएगा। मेले का विधिवत शुभारंभ बुधवार दोपहर 2 बजे उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन करेंगे। प्रदेश में कुथाह मेला गुच्छी के कारोबार के लिए मशहूर है।
समूची जंजैहली घाटी के लोग कुथाह मेले में एकत्र की गई गुच्छी को बाहर से आए व्यापारियों को बेचते हैं और गुच्छी के पैसों से अपने परिवार के लिए साल भर की खरीदारी करते हैं। इस बार गच्छी के दाम में आई गिरावट से लोगों को भारी निराशा हाथ लगी है। गुच्छी के प्रतिकिलो दाम आजकल 5 से 6 हजार रुपये चल रहे है जो बीते वर्ष की अपेक्षा तीन गुना कम है। जिला स्तरीय कुथाह मेले में प्रदेशभर से व्यापारी पहुंच गए हैं। जंजैहली घाटी में कुथाह मेले को लेकर लोगों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। तुंगाधार पंचायत के प्रधान हेमराज ठाकुर ने बताया कि इस बार कुथाह मेले में रात्रि के सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए जाएंगे। जिसमें स्थानीय कलाकारों को मौका दिया जाएगा। एसडीएम थुनाग ललित पोसवाल ने बताया कि जिला स्तरीय कुथाह मेले में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस तैनात रहेगी। उन्होंने स्थानीय लोगों से अपील की है कि मेले के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखे।