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Mandi News: गृहकर का नया सर्वे करवाना निगम के लिए चुनौती, एजेंसी ने मांगे 90 लाख

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अब तक पुराने सर्वे के आधार पर वसूला जा रहा गृहकर, हर साल हो रहा करोड़ों का घाटा
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मर्ज एरिया समेत पूरे नगर निगम क्षेत्र में होना है गृहकर का सर्वे
इस बार पुराने सर्वे के आधार पर ही जारी होंगे गृहकर बिल
केपी पांजला
मंडी। आमदनी चवन्नी और खर्चा रुपया जैसे आर्थिक संकट से गुजर रहे नगर निगम मंडी के लिए पूरे परिधि क्षेत्र में नया गृहकर सर्वे करवाना चुनौती बन गया है। केंद्रीय एजेंसी की ओर से गृहकर सर्वे के लिए करीब 90 लाख रुपये मांगे हैं, जबकि पहले 35 लाख रुपये मांगे गए थे। लेकिन बाद में रिव्यू कर इसे दोगुना कर दिया है।
ऐसे में सर्वे अब उसी एजेंसी से करवाना है या किसी दूसरी कंपनी से इसे लेकर नगर निगम यूडी से पत्राचार कर रहा है, लेकिन अभी तक कोई फैसला नहीं आया है। गृहकर सर्वे के लिए पहले नगर निगम को यूडी 50 फीसदी शेयर दे रहा था, लेकिन अब बजट 90 लाख के करीब पहुंचने के बाद निगम को लग रहा है कि यूडी सर्वे करवाने के लिए 45 लाख रुपये देगा या नहीं। इस कारण अभी तक कुछ भी फाइनल नहीं हो पाया है कि सर्वे कब तक होगा।
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ऐसे में नगर निगम इस बार पुराने सर्वे के आधार पर ही लोगों को गृहकर के बिल थमाएगा। वर्तमान में नगर परिषद के समय करवाए सर्वे के आधार पर ही निगम गृहकर वसूल कर रहा है, जबकि वर्तमान में कई भवन मालिकों और दुकानदारों की संपत्तियां दोगुना बढ़ चुकी हैं। ऐसे में निगम को हर साल करोड़ों रुपये का गृहकर से घाटा हो रहा है। इससे वार्डों में विकास कार्यों की रफ्तार धीमी पड़ रही है। चौंकाने वाली बात है कि गृहकर पुराने सर्वे से वसूलने के बावजूद कई डिफाल्टर इसे चुकाने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं। जिन्हें नगर निगम समय-समय पर नोटिस भी जारी कर रहा है। पिछले एक सप्ताह में 10 लाख रुपये की गृहकर वसूली हुई है। निगम की सख्ती के चलते इस बार गृहकर वसूली का आंकड़ा पहली बार ढाई करोड़ से बढ़कर पौने पांच करोड़ के करीब पहुंचा है।
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बॉक्स

नए सर्वे में आमदनी के हिसाब से लगेगा गृहकर
नए गृहकर सर्वे होने के बाद भवन मालिकों से आमदनी के हिसाब से गृहकर वसूला जाएगा। मौजूदा समय में कई दुकानदारों और भवन मालिकों ने दूसरी कंपनियों के विज्ञापन पोस्टर और बैनर आदि दुकानों के आगे लगाए हैं। इससे निगम को कुछ आय नहीं हो पा रही है। नया गृहकर सर्वे करवाना निगम के लिए इसलिए भी जरूरी है, क्योंकि मर्ज एरिया के वार्डों में गृहकर समेत अन्य रियायतों की अवधि अक्तूबर 2023 में खत्म हो चुकी है। ऐसे में मर्ज एरिया के वार्डों में गृहकर का मीटर घूमना शुरू हो गया है, लेकिन सर्वे न होने से मामला ठंडे बस्ते में जा रहा है।

कोट्स
नए गृहकर सर्वे का अभी तक फाइनल नहीं हो पाया है। सर्वे एजेंसी की ओर से बजट दोगुना करने के बाद यूडी से पत्राचार किया जा रहा है।
-विकास शर्मा, सह आयुक्त, नगर निगम मंडी।
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