संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। अभिलाषी विश्वविद्यालय में बायोममेडिकल वेस्ट प्रबंधन एवं मिशन लाइफ को लेकर सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार में आयुर्वेद विभाग ने आयुर्वेद के अध्यापकों और छात्रों को बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन एवं मिशन लाइफ के बारे में जानकारी दी।
इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सुंदरनगर के वैज्ञानिक अधिकारी चमन ठाकुर ने बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन नियम 2016 के मुख्य बिंदुओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बायोमेडिकल वेस्ट किन संस्थानों से निकलता है, किस प्रकार से इसका उत्पति स्थल पर विभाजन किया जाए और इसे किसके द्वारा वहन किया जाता है। उन्होंने बताया कि इसके निपटारे में क्या सावधानियां बरती चाहिए। इसके सही रखरखाव ना करने से क्या हानि हो सकती है। उन्होंने कहा कि हमारे छोटे-छोटे प्रयास जैसे की प्लास्टिक का कम से कम प्रयोग करना, जल को प्रदूषित ना करना, वर्षा जल संग्रहण करना आदि से पर्यावरण संरक्षण होगा।
इस मौके पर अभिलाषी विश्वविद्यालय के चांसलर डॉ. आरके अभिलाषी, प्रो. चांसलर डॉ. एलके अभिलाषी, कार्यवाहक वाइस चांसलर डॉ. प्रोमिला अभिलाषी, जीनियस एजुकेशन सोसायटी की चेयरपर्सन डॉ. नर्बदा अभिलाषी, अभिलाषी एजुकेशन सोसाइटी के सेक्रेटरी नरेंद्र कुमार और विवि के रजिस्ट्रार ई. कपिल कपूर, डीन आयुर्वेदा डॉ डीके मिश्रा ने सेमिनार के सफल आयोजन के लिए सभी प्रोफेसरों व स्टाफ को बधाई दी।