जोगिंद्रनगर (मंडी)। राजकीय महाविद्यालय जोगिंद्रनगर में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ सोमवार को हुआ। सम्मेलन के पहले दिन एसपीयू मंडी के कुलपति प्रो. ललित कुमार अवस्थी बतौर मुख्यातिथि शरीक हुए। उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा को राष्ट्र की सांस्कृतिक धरोहर बताते हुए कहा कि नई शिक्षा नीति 2020 में इस परंपरा को प्रमुख स्थान दिया है। भारतीय ज्ञान परंपरा में विज्ञान कला तथा आध्यात्मिकता का अनूठा मिश्रण देखने को मिलता है।
विशिष्ट अतिथि सेवानिवृत्त प्राचार्य डॉ. विपिन सी राठौर ने कहा कि शिक्षकों को हमेशा सीखते रहना चाहिए। उन्होंने पांगी घाटी के परंपरागत खाद्य पदार्थ पंगवाल एवं भोट विषय पर अपनी प्रस्तुति दी। राष्ट्रीय महिला आयोग के स्रोत सदस्य डॉ. पलक मित्तल ने मनोविज्ञान में गीता के उपदेशों का महत्व विषय पर अपनी प्रस्तुति दी। डॉ. हरिंद्र सिंह बनयाल, डॉ. सोनाली गुप्ता ने भी अपनी-अपनी प्रस्तुति दी। अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में विशिष्ट अतिथियों में डॉ. सुरेंद्र सिंह और डॉ. मीना चौधरी भी उपस्थित रहीं।
इस अवसर पर जोगिंद्रनगर कॉलेज की प्राचार्य प्रो. निशा वैद्य, संयोजक डॉ. दीप्ति, सह संयोजक डॉ. श्रवण, डॉ. पवन, डॉ. दीपक मोहन, प्रो. उपमा, प्रो. विधु, प्रो. विशाल ने गण्यमान्य अतिथियों का अभिनंदन किया। सम्मेलन में मंडी कॉलेज के प्राध्यापक, प्रवक्ता एवं शिक्षाविद, केंद्रीय छात्र परिषद सदस्य, शिक्षक तथा गैर शिक्षक वर्ग मौजूद रहे। संवाद