शिकायत निवारण समिति की बैठक
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मंडी। विपाशा सदन में आयोजित जिला स्तरीय शिकायत निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने की। इसमें 30 नए और आठ पुराने मामलों सहित कुल 38 मदों पर चर्चा कर आवश्यक निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए गए।
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कौल सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार स्वच्छ, पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन देने के लिए वचनबद्ध है। अधिकारी ग्रामीण क्षेत्रों का समय-समय पर दौरा करें और लोगों की समस्याओं के बारे में जानकारी प्राप्त कर उनका समाधान करें। इससे ग्रामीणों को घर-द्वार पर ही प्रशासनिक और विभागीय सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। उन्होंने सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि गर्मियों में लोगों को पेयजल की समुचित आपूर्ति सुनिश्चित करें।
बरसात के मौसम में जलजनित रोगों के फैलने की संभावना को देखते हुए सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग व स्वास्थ्य विभाग पेयजल स्रोतों से पानी के नमूने जांच के लिए ले। पेयजल स्रोतों को सुरक्षित रखने और उनकी निरंतर साफ सफाई के भी निर्देश दिए। किसानों, बागवानों और पशुपालकों के लिए समय-समय पर पंचायतों का कलस्टर बनाकर प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन करें। विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविरों में प्रतिभागियों के चयन में पारदर्शिता बरतें। राष्ट्रीय राजमार्ग पर मंडी से कुल्लू की ओर अवैध बने खोखों को हटाने के निर्देश दिए। मुख्य संसदीय सचिव, पंचायती राज, सोहन लाल ठाकुर ने कहा कि समिति के समक्ष प्रस्तुत मदों पर विस्तार से चर्चा की जाती है। उन्होंने सभी विभागों से आपसी समन्वय से समस्याओं के निपटारे का आह्वान किया। विधायक महेंद्र सिंह ठाकुर और विनोद कुमार ने भी चर्चा में भाग लिया। उपायुक्त संदीप कदम ने बैठक का संचालन किया। इस मौके पर मुख्य संसदीय सचिव मनसा राम, जिला परिषद अध्यक्ष चंपा ठाकुर, नगर परिषद अध्यक्षा नीलम शर्मा, पुलिस अधीक्षक प्रेम कुमार ठाकुर सहित समिति के गैर सरकारी सदस्य व सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।