मंडी। हिमाचल के पहले क्लस्टर विश्वविद्यालय मंडी में प्रदेश के मध्य जोन के सभी महाविद्यालयों को शामिल किया जाएगा। क्लस्टर विश्वविद्यालय मंडी की डीपीआर में यह प्रावधान किया गया है। रूसा के तहत प्रदेश के केंद्रीय जोन के अन्य महाविद्यालयों को इसमें शामिल किया जा सकता है। हालांकि, प्रारंभिक तौर पर जिला के चार महाविद्यालय बासा, द्रंग, सुंदरनगर व मंडी को इसमें शामिल किया गया है।
केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय से डीपीआर को मंजूरी मिलते हीक्लस्टर विश्वविद्यालय मंडी ने ड्राफ्ट एक्ट तैयार कर लिया है। सरकार शीतकालीन सत्र में क्लस्टर विश्वविद्यालय स्थापित करने के लिए अध्यादेश विधानसभा में ला सकती है। इसके बाद ही विधिवत रूप से विश्वविद्यालय की स्थापना की जा सकेगी। जिले के चार कॉलेजों में दो अलग-अलग नवीनतम विषय शुरू किए जाएंगेे। केंद्रीय जोन के जिला कुल्लू, मंडी, बिलासपुर व लाहुल-स्पीति के दर्जनों कॉलेजों के इसमें शामिल होने से मध्य जोन के हजारों विद्यार्थियों को फायदा मिलेगा।
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वर्ष 2014 में ही क्लस्टर विश्वविद्यालय की डीपीआर रूसा टेक्निकल स्टडी ग्रुप को बना कर सौंप दी गई थी। रूसा के तहत प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड (पीएबी) ने सैद्धांतिक मंजूरी वल्लभ कॉलेज को तीसरी बैठक के दौरान ही प्रदान कर दी थी। इसके बाद स्टडी ग्रुप ने कई बार डीपीआर में कई टिप्पणियां कीं और कई जरूरी जानकारियां भी मांगी।
क्लस्टर विश्वविद्यालय में जिला के चार महाविद्यालय ही शामिल किए गए हैं। लेकिन, विश्वविद्यालय की डीपीआर में प्रदेश के केंद्रीय जोन के सभी महाविद्यालय को इसमें शामिल करने का प्रावधान रखा गया है। रूसा के तहत बाद में मध्य जोन के कॉलेजों को इसमें शामिल किया जा सकता है।
..डा. राकेश कपूर समन्वयक क्लस्टर विश्वविद्यालय मंडी एवं प्राचार्य कोटली कॉलेज