अस्पताल पर पांच पंचायतों की आबादी निर्भर, उठानी पड़ रहीं दिक्कतें
संवाद न्यूज एजेंसी
टिहरा (मंडी)। स्वास्थ्य खंड संधोल के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) चोलथरा स्वास्थ्य अधिकारी की तैनाती की राह देख रहा है। हालात यह हैं कि चार महीने से बिना डॉक्टर यहां फार्मासिस्ट ही मरीजों की नब्ज टटोल रहा है। छोटी-मोटी बीमारियों के लिए भी मरीजों को सरकाघाट, मंडी या हमीरपुर के स्वास्थ्य संस्थानाें का रुख करना पड़ रहा है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चोलथरा के तहत पांच पंचायतों की लगभग 10 से 15 हजार की आबादी निर्भर है। स्वास्थ्य संस्थान में बिना डॉक्टर लोगों को दिक्कतें पेश आ रही हैं। स्वास्थ्य अधिकारी की नियुक्ति नहीं होने से ग्रामीणों में रोष है। स्वास्थ्य संस्थान को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अपग्रेड तो कई वर्ष पहले कर दिया गया है, लेकिन सुविधाओं की बढ़ोतरी नहीं हुई। यहां एक डॉक्टर तैनात था, वह भी पदोन्नत होने के बाद चला गया है। अब यहां किसी दूसरे डॉक्टर की तैनाती नहीं हो पाई है।
स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों में पंचायत प्रधान मेहर चांद गारला, उपप्रधान विजय बन्याल, पूर्व प्रधान विजय लक्ष्मी, बीडीसी सदस्य विजय कुमार, वार्ड सदस्य विपिन कुमार, मेहर सिंह, संजीव कुमार, प्रवीण वर्मा ने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर की तैनाती न होना चिंताजनक है। स्वास्थ्य विभाग यहां प्राथमिकता के आधार पर डॉक्टर की नियुक्ति करे ताकि स्थानीय जनता को सुविधा मिले। इधर, इस संबंध में बीएमओ संधोल डाॅ. धर्मपाल वर्मा ने बताया कि खाली पद को लेकर आलाधिकारियों को सूचित कर दिया गया है।
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