वैश्विक आर्थिक और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बावजूद भारतीय इंजीनियरिंग प्रतिभा की लगातार बनी मांग इन अंतरराष्ट्रीय प्लेसमेंट्स से स्पष्ट झलकती है। इस भर्ती प्रक्रिया में कुल 127 छात्रों ने आवेदन किया था। एआई आधारित स्किल मैपिंग, वीडियो असेसमेंट और कल्चर फिट एनालिसिस के बाद 20 छात्रों को शॉर्टलिस्ट किया गया, जिनमें से अंतिम रूप से 13 छात्रों का चयन हुआ। चयनित छात्रों को जापान की मैन्युफैक्चरिंग और तकनीकी कंपनियों में डाटा इंजीनियरिंग, सिस्टम इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल डेवलपमेंट और प्रोडक्ट डिजाइन जैसी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नियुक्ति दी गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के एआई आधारित प्लेटफॉर्म भारतीय छात्रों के लिए अंतरराष्ट्रीय करिअर के नए अवसर खोल रहे हैं। आईआईटी मंडी एआई की दिशा में बड़े स्तर पर कार्य कर रहा है। मल्टी मॉडल इंटेलीजेंस फॉर रियल वर्ल्ड एप्लीकेशन अत्याधुनिक रिसर्च लैब का आईआईटी मंडी में हाल ही में शुभारंभ हुआ है। इसके अलावा मल्टी मॉडल एआई पर मंथन भी किया है।कोग्नावी के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीटीओ वरुण मोदगिल ने कहा कि भारत में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, बल्कि जरूरत उन्हें वैश्विक अवसरों से जोड़ने की है, जिसे एआई तकनीक के माध्यम से प्रभावी बनाया जा रहा है।