मंडी। स्वस्थ और स्वच्छ मंडी बनाने के 20 फीसदी शहरवासी गंभीर नहीं हैं। घरों में कचरा प्रबंधन करने के लिए जागरूकता अभियान चलाने के बावजूद भी लोग सूखा और गीला अलग-अलग नहीं दे रहे हैं। नगर निगम में ऐसे घरों की पहचान कर एक हजार से लेकर पांच हजार रुपये तक जुर्माना लगाने की तैयारी में है।
नगर निगम क्षेत्र में 20 फीसदी लोग रोजाना गाड़ियों में अनाउंसमेंट सुनने के बाद गीला और सूखा कूड़ा बोरों में भरकर घर के आगे या फिर मुख्य चौराहों पर रख रहे हैं। यहां से सूखा और गीला कचरा अलग-अलग करने में आधा दिन बर्बाद हो रहा है। सुबह पांच बजे ही कूड़ा उठाने के लिए सफाई कर्मचारी लोगों के घरों तक पहुंच रहे हैं। मगर कई लोग सुबह कूड़ा न देकर बाद में इसे ठिकाने लगा रहे हैं।
सूखा और गीला कचरा एक साथ देने के कारण बिंद्रावणी स्थित डंपिंग साइट में कूड़े के निष्पादन करने वाले कर्मियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। निगम के सफाई पर्यवेक्षकों के अनुसार सभी वार्डों में ऐसी ही स्थिति है। कई दुकानदार और होटल वाले भी सूखा और गीला कचरा एक साथ दे रहे हैं।
एक साथ कचरा देने वाले घरों की होगी पहचान
वार्डों में जो परिवार, होटल मालिक या दुकानदार गीला और सूखा कूड़ा एक साथ नहीं दे रहे हैं। ऐसे में निगम ने सफाई कर्मियों को इन परिवारों की पहचान करने को कहा है ताकि उन पर कार्रवाई की जा सके। हाल में निगम ने तीन होटल मालिकों की ओर से कूड़ा एक साथ देने पर उनके ही कर्मियों से गीले और सूखे कूड़े की छंटनी करवाई थी और 1000-1000 रुपये का जुर्माना भी वसूला था। इसके बाद अब निगम लोगों पर भी सख्ती करने जा रहा है। जिन घरों की शिकायतें मिलेंगी, उनकी पहचान कर मौके पर चालान थमाया जाएगा।
वार्डों में सभी सफाई कर्मियों को गीला और सूखा कूड़ा एक साथ देने वालों की पहचान के निर्देश दे दिए हैं। अभी तक 80 फीसदी ही सही तरीके से कूड़ा दे रहे हैं, जबकि 20 फीसदी होटल मालिक, दुकानदार और परिवार नियमों की अवहेलना कर रहे हैं। उनकी वजह से कूड़े के निष्पादन में देरी हो रही है और गाड़ियां भी लेट हो रही हैं। नतीजा कई जगह कचरा फैल रहा है।
-सतीश गुलेरिया, सफाई निरीक्षक, नगर निगम