मंडी के पड्डल मैदान में मांडव्य उत्सव की दूसरी सांस्कृतिक संध्या में प्रस्तुति देते स्कूली बच्च
- फोटो : संवाद
मंडी। मांडव्य उत्सव की दूसरी सांस्कृतिक संध्या में बालीवुड सिंगर देवब्रत पंडित ने अपनी सुरीली आवाज से शहरवासियों का खूब मनोरंजन किया। उन्होंने एक के बाद एक हिट गीत पेश कर लोगों को झूमने व गुनगुनाने के लिए मजबूर कर दिया। उन्होंने सबसे पहले शिव कैलाशों के वासी भजन से कार्यक्रम का आगाज किया। इसके बाद मैं तेरा कल हूं, मैं तेरा आज हूं, नीले नीले अंबर पर, तेरे चेहरे से नजर नहीं हटती नजारे हम क्या देंखें आदि गीत पेश कर तालियां बटोरीं। अपनी स्वर्गीय पत्नी को समर्पित हर पल तेरी यादों संग जीये जा रहा हूं गाने को भी प्रस्तुत किया।
उत्सव की दूसरी सांस्कृतिक संध्या में सदर विधायक अनिल शर्मा व बल्ह विधानसभा क्षेत्र के विधायक इंद्र सिंह गांधी ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इससे पहले देव रथ ठाकुर ने अपनी सुरीली आवाज से दर्शकों का मनोरंजन किया। उन्होंने हिमाचली गीतों समेत बालीवुड के गीतों की झड़ी लगाई। ठंड के बीच दर्शक जुटे रहे।
इससे पहले हरदेव हरि ने लगी जातरा मंडी नगरा म्हारे आए देवी देऊ सारे, तेरे जैसे यार कहां गीत पेश कर दर्शकों को थिरकने के लिए मजबूर कर दिया। इसके बाद युवा उभरते कलाकार पुष्पराज संधु ने दूल्हे का सेहरा सुहाना लगता है, मेरे रश्के कमर आदि गीत पेश कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इससे पहले एंग्लो संस्कृति विद्यालय मंडी, डीएवी पब्लिक स्कूल खलियार, एसपीयू मंडी के छात्रों ने भी प्रस्तुति दी। रेणुका, कार्तिक तथा गौरव ने भी अपनी खनकती आवाज से दर्शकों का खूब मनोरंजन किया।
जल्दी देवब्रत की हिंदी फिल्मों में सुनेंगे आवाज
बालीवुड सिंगर देवब्रत पंडित मूलत: हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिला मुख्यालय के साथ सटे अपर बदाह के रहने वाले हैं। 1997 में कुल्लू दशहरे में पहली बार प्रस्तुति देने के बाद उन्होंने पीछे मुड़ कर नहीं देखा। कुल्लू कॉलेज से शिक्षा ग्रहण करने के दौरान संगीत अध्यापक श्याम ठाकुर से संगीत की शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद मुंबई में टी सीरीज के बैनर तले उन्होंने एक के बाद एक हिट गीत पेश किए। मंडी में पहली बार पहुंचे देवब्रत पंडित ने खास बातचीत में बताया कि हर पल तेरी याद, मेरे हमदम, मेरे साथी तू याद न कर समेत अन्य गीत काफी लोकप्रिय हुए हैं। देवब्रत पंडित ने बताया कि जल्दी उनके गाए गीत हिंदी फिल्मों में सुनने को मिलेंगे। कुछ गीतों की रिकार्डिंग भी हो गई है। मंडी में मांडव्य उत्सव के बाद अन्य गीतों की भी रिकार्डिंग पूरी कर ली जाएगी।
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मंडी के पड्डल मैदान में मांडव्य उत्सव की दूसरी सांस्कृतिक संध्या में प्रस्तुति देते स्कूली बच्च- फोटो : संवाद