मंडी। प्रिंसिपल जज फैमिली कोर्ट मंडी की अदालत ने भारतीय सेना में कार्यरत लांस नायक को उसकी पत्नी और तीन वर्षीय बेटे को अंतरिम भरण-पोषण (गुजारा) भत्ता देने के निर्देश दिए हैं। पत्नी को पांच हजार और बेटे को तीन हजार गुजारा भत्ता देना होगा।
मामले के तथ्यों के अनुसार पत्नी ने पति के खिलाफ याचिका दायर कर भरण-पोषण की मांग की थी। उनका आरोप था कि 2020 के तुरंत बाद से ही उन्हें उपेक्षा और उत्पीड़न का सामना करना पड़ा। बेटे की देखभाल और खर्च की जिम्मेदारी पति ने नहीं निभाई।
न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और रिकॉर्ड देखने के बाद माना कि पत्नी के पास कोई स्वतंत्र आय नहीं है और वह नाबालिग बेटे की देखभाल कर रही हैं। अदालत ने कहा कि सक्षम पति का पत्नी एवं बेटे के भरण-पोषण से मुकरना न्यायसंगत नहीं है। अदालत ने पत्नी को चार और बेटे को तीन हजार रुपये प्रति माह भरण-पोषण राशि के रूप देने के आदेश दिए।
यह भुगतान याचिका दायर करने की तारीख से लागू होगा और मुख्य याचिका के निपटारे तक जारी रहेगा। इसके अतिरिक्त अदालत ने मुकदमेबाजी खर्च के लिए पांच हजार रुपये देने के भी निर्देश दिए। मामले की अगली सुनवाई 27 सितंबर 2025 को निर्धारित की गई है। संवाद