दुख जताने घर मृतक चालक के घर पहुंचे परिवहन निगम के डीएम
संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मपुर (मंडी)। धर्मपुर डिपो में तैनात एचआरटीसी बस चालक सुसाइड मामले में शनिवार को परिजनों के बयान लिए जाएंगे। मामले की जांच कर रहे परिवहन निगम के मंडलीय प्रबंधक विनोद ठाकुर बुधवार को मृतक चालक संजय कुमार के घर मंडी-कुल्लू सीमा पर झीड़ी पंचायत पहुंचे और परिजनों को ढांढस बंधाया। मृतक का अस्थि विसर्जन करने हरिद्वार ले जाने के चलते बुधवार को परिवार के सदस्य बयान नहीं दे पाए और शनिवार को आने के लिए कहा।
अब डीएम मंडी विनोद ठाकुर शनिवार को फिर से मामले की जांच के लिए मृतक के घर जाएंगे। उनके बयान लेने के बाद आरएम विनोद कुमार से पूछताछ की जाएगी। इससे पहले बुधवार को डीएम मंडी ने धर्मपुर बस डिपो पहुंचकर प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार की थी। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में चालक संजय कुमार के क्षेत्रीय प्रबंधन पर लगाए उत्पीड़न और चार माह से वेतन न मिलने के आरोपों को निराधार बताया गया है। प्रारंभिक रिपोर्ट आने के बाद बुधवार को परिवहन निगम के बर्खास्त दो अन्य चालकों ने भी एचआरटीसी की कार्यप्रणाली को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है। धर्मपुर के आरएम के अलावा रोहडू डिपो और देहरा डिपो के अधिकारियों पर भी कई तहत के आरोप लगाए हैं।
उधर, एचआरटीसी डीएम विनोद ठाकुर ने बताया कि प्रारंभिक रिपोर्ट पूरे तथ्य की जांच करने के बाद ही तैयार की गई है। निगम मामले की निष्पक्षता से जांच कर रहा है। परिवार के बयान के बाद आरएम से भी पूछताछ की जाएगी। वहीं, मामले को लेकर डीएसपी पधर देवराज ने बताया कि मामले में अभी तक किसी ने कोई मामला दर्ज नहीं करवाया है।
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ड्यूटी के दौरान बाजू टूटी, आरएम ने नहीं दी छुट्टी
धर्मपुर डिपो में कार्यरत शिमला के टूटू निवासी चालक रामकृष्ण ने आरोप लगाया कि हरिद्वार जाते समय उनकी बाजू टूट गई थी। डॉक्टर को दिखाया तो उन्होंने छह माह तक लाइट ड्यूटी के लिए कहा। जब आरएम से आवेदन किया तो उन्होंने मना कर दिया और फिर से बस में चढ़ा दिया। बाद में बाजू की हालत खराब होने पर डॉक्टर को दिखाया तो उन्होंने फिर लाइट ड्यूटी को कहा। इससे पहले वे रोहड़ू डिपो में थे। एक दिन रोहडू से आगे बस रूट पर जा रहे थे। बस की टंकी फुल करवाई और रूट पर निकल पड़े। उस बस में चार दिन का एक साथ डीजल डाला जाता था। रात को जब बस खड़ी की और सुबह फिर से रूट पर जाने लगे तो रोहड़ू के आरएम आ पहुंचे और तेल डलवाने को कहा। करीब 40 लीटर तेल तब डाला। बाद में जब रूट पूरा करने के बाद पहुंचा तो उन्हें बिना कारण अक्तूबर 2024 में सस्पेंड कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया है कि तेल गायब होने में आरएम का हाथ था। कुछ दिन बाद उन्हें कुछ दिन रामपुर भेजा और बाद में धर्मपुर शिफ्ट कर दिया। चालक का आरोप है कि दोनों आरएम की मिलीभगत से उन्हें परेशान किया जा रहा है। उधर, मामले को लेकर डीएम मंडी ने बताया कि चालक के पास छुट्टियां पड़ी हैं। उन्होंने छुट्टी के लिए कोई मेडिकल नहीं दिया था।
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फेक आईडी पर गलत लिखकर करवा दिया बर्खास्त
धर्मपुर के रियूर गांव निवासी रविंद्र कुमार का आरोप है कि पूर्व में वह देहरा डिपो में था तो किसी ने उनके नाम से फेक आईडी बनाई। उस पर कई तरह की पोस्टें डालीं। इस पर डिपो में कार्यरत सुपरिंंटेंडेंट और डिलिंग हैंड ड्राइवर ने विभागीय जांच के लिए बुलाया और अंग्रेजी में लिखे एक कागज पर हस्ताक्षर करवा लिए, जबकि उन्होंने अपनी आईडी पर वर्दी घोटाले और अन्य भष्ट्राचार संबंधी मामले अन्य लोगों की तरह उठाए थे। किसी पर कटाक्ष नहीं किया था। बताया कि उन्हें शिमला में प्रबंध निदेशक से मिलने के लिए भी कहा गया। बाद में अक्तूबर में बर्खास्त कर दिया। उन्होंने कहा कि अब दो माह से डीएम हमीरपुर के पास अपील की है, लेकिन दो माह से कोई सुनवाई नहीं हो पा रही। उन्होंने आरोप लगाया है कि यूनियन के लोग अगर कर्मचारियों के साथ होते तो न किसी की जान जाती और न ही कर्मचारी बर्खास्त होते।