सुंदरनगर (मंडी)। जेएनएनयूआरएम के तहत केंद्र सरकार से मिली नीले रंग की बसें एचआरटीसी के लिए अब समस्या का कारण बन चुकी हैं। सुंदरनगर बस डिपो में इन दिनों 13 बसों के इंजन खराब होने की वजह से कई रूट प्रभावित हैं। अधिकतर नीली बसों के स्पेयर पार्ट न मिलने के कारण मरम्मत कार्य भी लंबे समय से रुका हुआ है।
ब्रेकडाउन की समस्या इतनी बढ़ गई है कि बटवाड़ा, धवाल, सेरी कोठी, मलोह एहन, पाली बतेड़ा सहित कई रूटों पर बीच रास्ते में बसें खड़ी होने लगी हैं। स्थानीय लोग नीली बसों में सफर करने से कतराने लगे हैं। इसके अलावा लोकल रूटों पर भी पुरानी और जर्जर बसें चल रही हैं।
भनबाड़ निवासी परस राम ने कहा कि कई बार शिकायत के बाद भी भनबाड़ रूट पर नीली बसें भेजी जा रही हैं, जो अक्सर रास्ते में ही खराब हो जाती हैं। धवाल क्षेत्र में भी एक बस दो हफ्ते तक खराब पड़ी रही। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन इलाकों में बस सेवा के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं है और खराब बसें व्यवस्था परिवर्तन के दावों की पोल खोल रही हैं।
स्पेयर पार्ट नहीं, मैकेनिक-हेल्पर की भी कमी
सुंदरनगर डिपो में 13 बसें इंजन खराब होने के कारण खड़ी हुई हैं। स्पेयर पार्ट उपलब्ध नहीं है और वर्कशॉप में मैकेनिक व हेल्पर की भी कमी चल रही है। -मित्र देव, फोरमैन ग्रेड-वन, सुंदरनगर डिपो
बसें खराब हैं, रूट कवर करना मुश्किल
जब बसें ही ब्रेकडाउन हैं तो रूटों पर भेजने में दिक्कत आ रही है। फिर भी कुछ रूटों पर बसें दोबारा लगाने के प्रयास जारी हैं। -कश्मीरी लाल, अड्डा प्रभारी, सुंदरनगर
सुंदरनगर के बोबर के पास ब्रेक डाउन हुई सुंदरनगर के डिपो को नीले रंग की बस। स्त्रोत- जागरूक पाठ