गोहर (मंडी)। चच्योट तहसील के धिश्ती गांव में छह परिवारों के 15 कमरों के संयुक्त रिहायशी मकान में सोमवार देर रात भीषण आग लगने से पूरा मकान जलकर राख हो गया। आग की घटना से छह परिवार बेघर हो गए हैं। हादसे का कारण शार्ट सर्किट होना बताया जा रहा है। आग से करीब 50 लाख रुपये का नुकसान आंका जा रहा है। ग्रामीणों ने घर में सो रहे सभी छह परिवारों के सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया है तथा मकान के निचले कमरे में बंधे मवेशियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। आग लगने से पूरा मकान और मकान के अंदर रखा राशन, कपड़े, विद्युत उपकरण, एक लाख दस हजार रुपये की नकदी, 6 तोले सोना और आधा किलो चांदी भी आग में स्वाह हो गए।
सोमवार देर रात करीब दो बजे लगी भयंकर आग ने अफरा तफरी फैल गई।
तहसीलदार चच्योट मुंशी राम और एसएचओ गोहर चांद किशोर ने बताया कि पुलिस आग की घटना के कारणों की जांच कर रही है। बेघर हुए परिवारों में मीरा देवी पत्नी नारद, रातो देवी पत्नी नेत्र, ऊमा देवी पत्नी प्रेम सिंह, कला देवी पत्नी मया राम, लाल सिंह पुत्र मया राम, विश्वनाथ पुत्र प्यारे लाल शामिल हैं। हलका पटवारी उधम सिंह ने बताया कि प्रशासन की ओर से आग से प्रभावित परिवारों को कानूनगो, एसडीएम कार्यालय ओम चंद और लिपिक टेक चंद ने मौके पर पहुंचकर 10 हजार रुपये की फौरी राहत, 3 तिरपाल, कंबल और कपड़े प्रदान कर दिए हैं।
पंचायत के पूर्व प्रधान मुरारी लाल राणा ने बताया कि अचानक लगी आग ने प्रचंड रूप धारण कर लिया और पलभर में पूरा मकान जलकर राख हो गया। हालांकि, ग्रामीणों ने आग पर काबू पाने के लिए कड़ी मशक्कत की मगर ग्रामीणों की मेहनत रंग नहीं लाई। पंचायत प्रधान देवेंद्र कुमार ने सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और अग्निशमन विभाग को घटना की सूचना दी। मगर जब तक दमकल विभाग का वाहन पहुंचा, 6 परिवाह बेघर हो चुके थे। धिश्ती पंचायत के प्रधान देवेंद्र कुमार, पूर्व प्रधान मुरारी लाल राणा, हीर सिंह और अन्य लोगों ने सरकार से मांग की है कि गोहर उपमंडल मुख्यालय में जल्द अग्निमशन केंद्र खोला जाए। तहसीलदार गोहर मुंशी राम ने बताया कि आग से प्रभावित परिवारों को उचित राहत प्रदान कर दी है तथा उन्हें सुरक्षित ठहरा दिया है।