मंडी। गृहकर अदा न करने पर शहर के होटल संचालक को नगर निगम ने कार्यालय तलब किया। शनिवार को होटल संचालक को गृहकर के भुगतान की अंतिम चेतावनी जारी की गई। नगर निगम के अधिकारियों ने कहा कि अगर गृहकर का भुगतान नहीं किया गया तो समन जारी किया जाएगा। उसके बाद संपत्ति को अटैच करने की कार्रवाई की जाएगी।
होटल संचालक से नगर निगम ने गृहकर के रूप में करीब 45 लाख रुपये वसूल करने हैं। वर्तमान में विभिन्न लोगों के पास नगर निगम का करीब तीन करोड़ रुपये गृहकर फंसा है। इसमें एक होटल संचालक भी शामिल है। कुछ सरकारी विभाग भी नगर निगम को गृहकर देने में आनाकानी कर रहे हैं।
कुछ विभाग नगर निगम को एडवांस में ही गृहकर जारी कर रहे हैं। कुछ समय से देनदार नगर निगम को गृहकर देने के लिए आगे आ रहे हैं लेकिन ऐसे भी लोग हैं जो बार-बार चेतावनी के बाद भी टस से मस नहीं हो रहे हैं। नगर निगम 50 हजार से अधिक की देनदारी वालों की सूची तैयार कर रहा है। इन देनदारों को समन जारी किया जाएगा। इसके पश्चात संपत्ति को अटैच करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। गृहकर नगर निगम की आय का प्रमुख स्रोत है। नगर निगम पुराने वार्डों से प्रतिवर्ष 2.60 करोड़ रुपये गृहकर के रूप में वसूल करता है। संपत्तियों का दोबारा सर्वे होने के बाद पुराने वार्डों में ही यह आंकड़ा बढ़ जाएगा। आठ साल पहले हुए सर्वे के अनुसार ही नगर निगम संपत्तियों से गृहकर की वसूली कर रहा है। वर्तमान में संपत्तियों का आंकड़ा 8500 से कहीं अधिक है। इसके अलावा मर्ज क्षेत्र बैहना, दौंधी, नेला समेत अन्य क्षेत्र से भी अप्रैल में गृहकर की वसूली की जाएगी।
.....
शहर के एक होटल संचालक को नोटिस के बाद कार्यालय में बुला कर लंबित गृहकर की अदायगी के लिए कहा गया है। अब भी अदायगी नहीं की गई तो नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। अन्य देनदारों का रिकार्ड खंगाल कर जल्दी नोटिस जारी किए जाएंगे।
-एचएस राणा, आयुक्त नगर निगम
000