बंद सड़कों की संख्या 58 से घटकर 43 पहुंची, गोहर में दो ट्रांसफार्मर अब भी ठप
सरकाघाट में एक पेयजल योजना प्रभावित
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। पठानकोट हाईवे पर टांडू के निकट पहाड़ी दरकने से चट्टानें और मलबा सड़क पर आ गिरा। इसके चलते हाईवे पर करीब चार घंटे तक यातायात बाधित रहा। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। रविवार सुबह करीब चार बजे गिरे मलबे और चट्टानों की चपेट में कोई वाहन नहीं आया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। सूचना मिलते ही एनएचएआई की मशीनरी मौके पर पहुंची और मलबे व चट्टानों को हटाकर हाईवे को यातायात के लिए बहाल कर दिया। जिले में पिछले दो-तीन दिनों से हो रही बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है। मंडी जिले में बंद सड़कों की संख्या सुबह 10 बजे 58 से घटकर 43 रह गई। हालांकि, कई ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी आवाजाही प्रभावित है। सबसे अधिक 32 सड़कें सराज उपमंडल में बंद हैं। इसके अलावा थलौट में सात, जबकि करसोग, सुंदरनगर और जोगिंद्रनगर में एक-एक सड़क बंद है। बंद सड़कों में दो एमडीआर और 41 ग्रामीण सड़कें शामिल हैं। राष्ट्रीय और राज्य राजमार्ग फिलहाल सभी प्रकार के यातायात के लिए खुले हैं। बारिश से प्रभावित बिजली व्यवस्था में भी सुधार हुआ है। सुबह गोहर विद्युत मंडल में 43 वितरण ट्रांसफार्मर प्रभावित थे, जिनमें से अधिकांश को बहाल कर दिया गया है। शाम तक केवल दो डीटीआर ही बाधित रहे। पेयजल आपूर्ति पर भी सीमित असर पड़ा है। सरकाघाट उपमंडल की एक जलापूर्ति योजना अभी प्रभावित है, जबकि जिले के अन्य क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति सामान्य बनी हुई है। उपायुक्त अपूर्व देवगन ने लोगों से मौसम खराब रहने के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।