मंडी। वेदांत कुटीर में चार दिवसीय वार्षिक पुण्यतिथि कार्यक्रम का समापन वैदिक अनुष्ठानों के साथ हुआ। समापन दिवस पर सुबह श्री रामलिंगेश्वर महादेव के रुद्राभिषेक के पश्चात श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया।
कुटीर के संस्थापक, ब्रह्मलीन वेदांत केसरी 108 स्वामी रामानंद परिखाजक महाराज की 47वीं पुण्यतिथि और स्वामी मोक्षानंद सरस्वती महाराज की 6वीं पुण्यतिथि समारोह के दौरान साध्वी सेवानंद सरस्वती और ब्रह्मचारी प्रणव चैतन्य ने विश्व शांति में संतों के योगदान पर प्रकाश डाला। साध्वी सेवानंद सरस्वती ने कहा कि संत अपना जीवन दूसरों के लिए समर्पित करते हैं।
अज्ञान से ज्ञान ढका रहता है। अपना जीवन निर्मल ह्रदय से बनाना चाहिए। अपने स्वरूप में रहना चाहिए। अंतिम दिन कार्यक्रम में भारी संख्या में संगत ने शिरकत कर सत्संग संकीर्तन में भाग लिया। इस मौके पर स्वामी गोपिलानंद, स्वामी मुक्तानंद, साध्वी साक्षी चैतन्य सहित अन्य संत महात्मा भी मौजूद रहे। संवाद