नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर के आपातकालीन वार्ड में व्हील चेयर पर उपचार हासिल करती एक महिला मरीज।
सौ बिस्तरों वाले नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर में सीमित संसाधनों से गंभीर मरीजों को उपचार की दरकार
जीवन रक्षक दवाओं और इंजेक्शनों के लिए तीमारदारों को जेब ढीली करनी पड़ रही
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के दावे खोखले साबित होते नजर आ रहे हैं। मंडी-पठानकोट हाईवे से सटे 100 बिस्तरों वाले इस अस्पताल में दुर्घटनाग्रस्त और गंभीर मरीजों के लिए पर्याप्त बेड उपलब्ध नहीं हैं। जीवन रक्षक दवाओं और इंजेक्शनों के लिए तीमारदारों को अपनी जेब ढीली करनी पड़ रही है। स्थिति यह है कि आईसीयू यूनिट आधुनिक उपकरणों के अभाव में खुद ही बीमार बनी हुई है।
अस्पताल में फिलहाल केवल उच्च रक्तचाप, शुगर और ऑक्सीजन जांच जैसी सीमित सुविधाएं ही उपलब्ध हैं। हृदयघात के मरीजों के लिए वेंटिलेटर की सुविधा भी नाममात्र की है। ऐसे में गंभीर मरीजों को आनन-फानन में कांगड़ा के टांडा और नेरचौक अस्पताल रेफर करना पड़ता है, जिससे रास्ते में उनकी जान को खतरा बना रहता है। मंगलवार को भी आपातकालीन वार्ड में आवश्यक दवाओं और संसाधनों की कमी के कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। डिजिटल एक्स-रे और अन्य जांचों के लिए भी दोपहर तक लंबी कतारें लगी रहीं।
मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था की गई है। आपातकालीन वार्ड में जीवन रक्षक दवाओं का पर्याप्त भंडारण मौजूद है। साथ ही, सीसीयू यूनिट में आधुनिक मशीनें स्थापित करने की प्रक्रिया जारी है, ताकि गंभीर मरीजों को इलाज के लिए बाहर न जाना पड़े। -डॉ. अंकित, कार्यवाहक प्रभारी, नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर।