मंडी/बरोट/सरकाघाट। मूसलाधार बारिश, तूफान और ओलावृष्टि से जिले के विभिन्न क्षेत्रों में फसलों को खासा नुकसान पहुंचा है। दो दिनों से लगातार जिले के विभिन्न क्षेत्रों में तूफान के कारण किसानों की आशाओं पर पानी फिर गया है। सराकाघाट उपमंडल के तहत ग्रयोह गांव में बिजली गिरने से चारे के सूखे घास का कोठा जल गया है। वहीं, बरोट घटासनी मुख्य सड़क बुधवार रात को टिकन के पास भारी ल्हासा गिरने से बाधित हो गई है।
यह सड़क 15 घंटे तक बाधित रही। जिसे वीरवार दोपहर बाद चार बजे लोक निर्माण विभाग ने बहाल किया। यहां पर लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वीरवार को शाम पांच बजे के बाद ओलावृष्टि से जिला के बरोट, सुंदरनगर, धर्मपुर, सरकाघाट सहित अन्य कई क्षेत्रों में फसलों को नुकसान पहुंचा है। आम, लीची की फ्लावरिंग को नुकसान से बागवानों को ओलावृष्टि ने खासी चपत लगाई है।
बरोट क्षेत्र के तहत बरोट-घटासनी सड़क को लोक निर्माण विभाग पधर के कर्मचारी सुबह से बहाल करवाने में जुट गए हैं। लेकिन, सड़क पर इतना ज्यादा मलबा गिरा था कि दोपहर बाद ही सड़क बहाल हो सकी। लोक निर्माण विभाग झंटिगरी के एसडीओ अंकुश ने कहा कि मशीन कार्य कर रही है। दोपहर बाद सड़क को बहाल कर दिया गया है। इसके अलावा ओलावृष्टि से बरोट क्षेत्र में फसलों को खासा नुकसान पहुंचा है। उधर, उपमंडल सरकाघाट के ग्रयोह गांव में बीपीएल से संबंधित परिवार संजीव कुमार पुत्र नेक राम के सूखे घास के चारे के कोठे के भंडार पर बिजली गिरने से घास जल गया। पंचायत प्रधान रमेश ठाकुर ने बताया कि जब तक गांव वाले आग लगने के स्थान पर पहुंचते, सब कुछ राख हो गया था। उधर, एसडीएम धर्मपुर किशोरी लाल ने कहा कि राजस्व अधिकारियों को सारी स्थिति का आकलन करने के लिए कहा गया है। परिवार को उचित मुआवजा दिया जाएगा। उपमंडल सरकाघाट में बारिश और तूफान के कारण बिजली की आंख मिचौनी से पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हो रही हैं। मूसलाधार बारिश व तूफान से गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा है। क्षेत्र में मटर की फसल भी प्रभावित हुई है। किसानों दीनानाथ, राम लाल, सोहन सिंह, परम देव, नरेश कुमार, भीखमराम, सुरजीत सिंह, बांका राम, शेर सिंह ने कहा कि तूफान ने उनकी फसल को लगभग तबाह कर दिया है। हिमाचल किसान सभा के अध्यक्ष तेज नाथ शर्मा और मुख्य संरक्षक जीवन लाल शर्मा ने क्षेत्र में हुए नुकसान का सरकार से मुआवजा मांगा है।