आधी रात को बारिश के पानी में डूब गया था मैदान, कारोबारियों ने जागकर बिताई रात
जलभराव की स्थिति से निपटने के अधूरे प्रबंधों पर मेला कारोबारियों में आक्रोश
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। राज्यस्तरीय जोगिंद्रनगर देवता मेले में बारिश से नुकसान झेलना पड़ा है। मेला मैदान में जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए अधूरे प्रबंध पर मेला कारोबारियों ने नाराजगी जाहिर करते हुए समिति की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। बीती मंगलवार आधी रात को भारी बारिश से मेला मैदान में सजी सौ से अधिक दुकानों में पानी घुस जाने से कारोबारियों को क्षति पहुंची है।
बुधवार को भी वर्षा से मेले में सजी कुछ दुकानें जलभराव की चपेट में आ गई। इससे दुकानों के अंदर रखा सामान खराब हो गया और मेला मैदान के चारों और वर्षा का पानी भर जाने से दुकानें डूबती नजर आईं। इससे कारोबारी सहम उठे। कुछ दुकानों के अस्थायी ढांचे टूट जाने से आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। बुधवार को दोपहर दो बजे तक अपना कारोबार चौपट होने पर कारोबारियों ने नुकसान की भरपाई की मांग उठाई है।
लगातार बारिश से मेला मैदान तालाब में बदल गया है। कारोबारियों का आरोप था कि कीचड़ से लबालब रास्ते देखकर ग्राहक मेला मैदान में नहीं पहुंच पा रहे हैं। उनका कारोबार बुरी तरह से ठप है। अव्यवस्था पर कारोबारियों ने मेला प्रशासन पर निशाना साधते हुए भरपाई की मांग उठाई है।
बारिश से झूला कारोबारी भी परेशान है और लाखों का नुकसान का हवाला देकर स्थानीय प्रशासन से राहत की गुहार लगाई है। बताया कि सात लाख 50 हजार में मेला प्रशासन से झूले का आरक्षित स्थान हासिल किया था, लेकिन आमदनी तो दूर झूले को स्थापित करने का खर्च भी अभी तक पूरा नहीं हो पाया है।
एसडीएम मनीश चौधरी ने मेला कारोबारियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि वह मेला मैदान में 20 अप्रैल तक कारोबार कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें किसी प्रकार का अतिरिक्त शुल्क नहीं चुकाना होगा।