मंडी/बालीचौकी (मंडी)। जिले में ओलावृष्टि के साथ बारिश होने से बागवानों किसानों की फसल को नुकसान पहुंचा है। सेब, प्लम समेत अन्य नगदी फसलों को ओलावृष्टि से नुकसान पहुंचा है। वहीं, काटी गई गेहूं फसल भी गीली हो गई है।
लंबे अंतराल के बाद मंडी शहर और आसपास हुई बारिश से लोगों को गर्मी से राहत भी मिली है। जिला मुख्यालय समेत बल्हघाटी में भी बारिश हुई। शहर में सड़क किनारे अवरुद्ध नालियों के बजाय बारिश का पानी सडक के उपर से बहने लगा है। बल्ह घाटी में भी गेहूं समेत टमाटर व अन्य नगदी फसलों को तेज हवा के साथ हुई बारिश से नुकसान पहुंचा है।
उपमंडल बालीचौकी के सोमनाचणी, डीडर, लुझागी, धलुट, डीडर खलबाहन, बागी, सोमगाड भनवास, सुधराणी, थाना शिवा, बागाचनोगी सहित कई पंचायतों में भारी ओलावृष्टि हुई है। इससे सेब, मटर, जौ, गेहूं व आलू आदि फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। आजकल सेब में फ्लावरिंग हो रही है, लेकिन ओलावृष्टि से फूल झड़ गए।
नारायणगढ के उपप्रधान गौरी दत्त, वार्ड पंच केशव राम, राम सिंह आदि लोगों ने बताया कि वीरवार दोपहर बाद अचानक अंधेरा छाया। इसके बाद करीब 20 मिनट तक ओलावृष्टि हुई। उन्होंने प्रशासन व सरकार से मांग की है कि नुकसान का आकलन कर प्रभावितों को उचित मुआवजा प्रदान किया जाए। उधर, तहसीलदार बालीचौकी निधि सकलानी ने बताया कि दोपहर बाद क्षेत्र में ओलावृष्टि हुई, जिससे फसलों काे नुकसान पहुंचा है। नुकसान का आकलन करवाया जाएगा।
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काटी गई गेहूं की फसल समेटी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। जोगिंद्रनगर में बारिश व अंधड़ की संभावना को देखते हुए किसानों ने फटाफट खेतों में काटी हुई गेहूं की फसल को समेट लिया। हारगुनैण, निचला गरोडू ओर ढेलू पंचायत में गेहूं की कटाई के कार्य में जुटे किसान रमेश, महेश, बिमला, कर्म चंद ने बताया कि पांच मई तक तेज बारिश और अंधड़ का अलर्ट जारी होते ही वह अपनी गेहूं की फसलों को समेटने में जुट गए। अब खेतों में तैयार हो चुकी गेहूं की फसलों पर अंधड और तेज बारिश के आसार ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। संवाद