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मंडी के स्कूल के हाल-बेहाल: दरारों से छलनी भवन में पढ़ रहे बच्चे, हादसे के इंतजार में व्यवस्था; जानें

Sun, 23 Aug 2026 11:18 AM IST
Ankesh Dogra सौरभ कुमार, पंडोह (मंडी)।

सार

मंडी के द्रंग क्षेत्र के हटौण राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल का जर्जर दो मंजिला भवन विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर चिंता का कारण बना है। भवन को 2023 की आपदा में नुकसान पहुंचा था और 2025 में फिर बड़ी दरारें सामने आईं। 15 मई को शिक्षा और लोक निर्माण विभाग ने संयुक्त निरीक्षण किया। अब जर्जर भवन को गिराने संबंधी एस्टीमेट रिपोर्ट का इंतजार है।
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हटौण स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला का जर्जर दो मंजिला भवन - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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द्रंग विधानसभा क्षेत्र के हटौण स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला का जर्जर दो मंजिला भवन विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए चिंता का कारण बना हुआ है। भवन के लगभग सभी कमरों में जगह-जगह दरारें आ चुकी हैं। स्कूल में नर्सरी से लेकर 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थी पढ़ते हैं, ऐसे में जर्जर भवन में कक्षाएं संचालित होने से अभिभावकों और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है। बता दें कि मंडी नेता विपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का गृह जिला है। 

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स्कूल परिसर में दो भवन हैं। इनमें से एक भवन को सुरक्षित बताया जा रहा है, जबकि दूसरे दो मंजिला भवन की दीवारों और अन्य हिस्सों में दरारें दिखाई दे रही हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार वर्ष 2023 की आपदा के दौरान इस भवन को नुकसान पहुंचा था। इसके बाद वर्ष 2025 में भी भवन में कई जगह बड़ी दरारें सामने आईं, लेकिन अभी तक जर्जर भवन को हटाने की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है।

बच्चों की सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
स्थानीय निवासी दीनानाथ, सोनू, मीरा देवी और उत्तम चंद ने सरकार और प्रशासन से विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जर्जर भवन को जल्द हटाने की मांग की है। स्थानीय लोगों ने स्कूल परिसर में चारदीवारी बनाने की मांग भी उठाई है। उनका कहना है कि भवन की मौजूदा स्थिति को देखते हुए किसी अनहोनी का इंतजार करने के बजाय समय रहते आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए।

जमीन के नामांतरण से भी जुड़ा है मामला
स्कूल भवन की समस्या केवल जर्जर निर्माण तक सीमित नहीं है। स्थानीय लोगों के अनुसार जिस भूमि पर स्कूल भवन बना है, वह अभी शिक्षा विभाग के नाम नहीं है। इसके लिए पहले एफसीए (वन संरक्षण अधिनियम) से संबंधित मामला तैयार किया गया था, लेकिन उसे मंजूरी नहीं मिल सकी। अब दोबारा एफसीए मामला तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके जरिए स्कूल भवन और भूमि से जुड़ी समस्या का समाधान करने का प्रयास किया जाएगा।

15 मई को शिक्षा और पीडब्ल्यूडी ने किया संयुक्त निरीक्षण
भवन की स्थिति को देखते हुए 15 मई को शिक्षा विभाग और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने स्कूल परिसर का संयुक्त निरीक्षण किया। उपनिदेशक शिक्षा यशवीर पठानिया ने बताया कि जर्जर भवन को गिराने के संबंध में पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के साथ संयुक्त निरीक्षण करवाया गया है। अब विभाग को अधिकारियों की एस्टीमेट रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता दुष्यंत पाल ने बताया कि स्कूल भवन का निरीक्षण करने के बाद रिपोर्ट तैयार की जा रही है। रिपोर्ट जल्द ही स्कूल को उपलब्ध करवा दी जाएगी।
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अब सवाल... रिपोर्ट के बाद कितनी जल्दी होगी कार्रवाई?
हटोण स्कूल के जर्जर भवन को लेकर फिलहाल विभागीय निरीक्षण हो चुका है, लेकिन अगला कदम एस्टीमेट रिपोर्ट मिलने के बाद ही उठाया जाना है। इस बीच स्कूल में पढ़ रहे छोटे बच्चों समेत सभी विद्यार्थियों की सुरक्षा सबसे अहम मुद्दा बनी हुई है।
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