जोगिंद्रनगर-सरकाघाट सड़क पर छत्तर गांव के समीप गिरा मलबा। संवाद
जोगिंद्रनगर (मंडी)। जोगिंद्रनगर-सरकाघाट सड़क पर पिछले महीने भूस्खलन से गिरे मलबे को न हटाने के कारण वाहन चालकों में रोष है। जोगिंद्रनगर शहर से करीब पांच किलोमीटर दूर छत्तर के समीप सड़क पर लटकी रही क्षतिग्रस्त पाइप लाइन और बांस के पेड़ हादसे को न्योता दे रहे हैं।
बसाही से चीहर गांव के बीच भी मानसून में पहाड़ों के दरकने से सड़क का बुरा हाल है, जबकि सुधार कार्य अधर में लटके हैं। इस कारण रोजाना सैकड़ों वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
वाहन चालक विनोद कुमार, शशि, अमित कुमार सहित अन्य लोगों ने बताया कि हाईवे की सड़क पर गिरे मलबे को न हटाने से सड़क की चौड़ाई भी कम हो गई है और हादसों की भी आंशका पैदा हो गई है। लिहाजा लोक निर्माण विभाग स्टेट हाईवे की सड़क के इर्द गिर्द गिरे मलबे को हटाकर वाहन चालकों को राहत प्रदान करें।
लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता पवन गुलेरिया ने कहा कि मानसून के दौरान मलबे को हटाने और सुधार कार्य प्रगति पर है। उन्होंने आश्वासन दिया कि छत्तर गांव के समीप गिरे मलबे को जल्द ही हटाने का प्रयास किया जाएगा।