जिला के ऊपरी क्षेत्रों में भारी ओलावृष्टि से नकदी फसलों को खासा नुकसान पहुंचा है। जिला में दोपहर बाद अचानक मौसम खराब होते ही ओलावृष्टि ने महज आधे घंटे में स्नोर घाटी व उत्तरशाल में सेब, पलम, मटर, गंदम, गोभी, आलू, मटर की फसलों को बर्बाद कर दिया।
स्नोरघाटी के कांडी से बजौरा तक दो से तीन इंच तक के ओले गिरने से सेब के पेड़ों पर हुई फ्लावरिंग को भारी नुकसान पहुंचा है। वहीं, थुनाग क्षेत्र में भी भारी ओलावृष्टि से सेब व पलम की सेटिंग बिगड़ने से करोड़ों के कारोबार पर संकट छा गया है। इसके अलावा जिलाभर में दोपहर बाद गोहर, सुंदरनगर, नेरचौक में भी बारिश व हल्की ओलावृष्टि हुई है।
चैहटीगढ़ पंचायत के प्रधान प्रेम सिंह ठाकुर, उपप्रधान हरीश ठाकुर ने कहा कि क्षेत्र में ओलावृष्टि से करोड़ों का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लगशाल, शायरी, कनौज, दुकश्टी, त्रौल, दाहरल, शिला दाहरल, रोपा आदि गांवों के अलावा साथ लगती कुल्लू जिला की न्यूल पंचायत तथा अन्य गांवों में भी फल व सब्जियों की फसल बर्बाद हो गई है। ग्रामीणों चमन लाल, दुनी चंद, रामेश्वर, बिहारी लाल, दलिप सिंह, तोत चंद, जय सिंह भीमी देवी, प्रकाश, डाबे राम ने कहा कि ओलावृष्टि से आमदनी पर संकट छा गया है। कांडी से बजौरा तक दो से तीन इंच ओले गिरे हैं।
वहीं, थुनाग, जंजैहली, शिल्हीबागी, लंबाथाच, केउलीनाल, भाटकीधार, कांडा, कटारू, रूहाढा, सराची, कुल्थनी, धरवारथाच, निहरी, सुनाह, जरोल में सेब की अच्छी सेटिंग हो गई थी, लेकिन सब तहस-नहस हो गया है। थनुटा रूहाढ़ा के भोप सिंह ठाकुर, ज्योति प्रकाश, लीलाधर, पदम देव, टेक सिंह, राम सिंह, अमर सिंह, रेवत सिंह, चतर सिंह ने कहा कि आधे घंटे की ओलावृष्टि में छह माह ही मेहनत पर पानी फिर गया है।