मंडी। बिना नक्शा पास करवाए निर्माण करने वालों को नोटिस मिलने के बाद ढांचा गिराना ही पड़ेगा। हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट जाने पर पांच से 10 साल तक देरी हो सकती है, लेकिन नियमों के उल्लंघन करके बचा नहीं जा सकता है। कमिश्नर डायरी में नगर निगम मंडी के आयुक्त एचएस राणा ने शहरवासियों को घर का निर्माण करते समय टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (टीसीपी) नियमों का पालन करने के आदेश दिए हैं।
आयुक्त ने कहा कि निगम क्षेत्र में कई जगह अवैध तरीके से निर्माण हो रहा है। लोग निगम से निर्माण की अनुमति नहीं ले रहे हैं। नगर निगम क्षेत्र में घर का नक्शा पास करवाना जरूरी है। शहर में घरों का जो निर्माण हुआ है, वहां घर से घर जुड़े हुए हैं। व्यवस्था ऐसी बन चुकी है कि पहली मंजिल पर रहने वाले व्यक्ति को चौथी मंजिल पर रहने वाले का पता नहीं होता है कि कौन रह रहा है।
घर के साथ घर बने होने के कारण सांस लेने के लिए उचित हवा नहीं पहुंच पाती है। ऐसे लोगों को पानी के कनेक्शन और सीवरेज कनेक्शन देने में भी काफी परेशानी आती है। पड़ोसी अपनी जमीन से पानी और सीवरेज लाइन के कनेक्शन नहीं निकालने देते हैं। इन्हीं समस्याओं के समाधान के लिए नक्शा पास करवाने की व्यवस्था की गई है।
नियमों का पालन सुनिश्चित करवाने के लिए टीसीपी ने यह जिम्मा नगर निगम को भी सौंपा है। नगर निगम को कई शक्तियां दी गई हैं, जिनके दायरे में रहकर नियमों का पालन करवाना होता है। आयुक्त एचएस राणा ने कहा कि अगर घर बनाते समय नियमों का उल्लंघन करते हैं और एक नोटिस भी जारी हो गया तो अवैध निर्माण को लेकर हाईकोर्ट जाएं या सुप्रीम कोर्ट जाएं, घूम फिर कर कानूनी कार्रवाई के लिए मामला नगर निगम के पास ही आएगा। इसमें चाहे पांच साल लग जाएं या 10 साल। मगर जो निर्माण अवैध घोषित कर दिया गया उसे टूटना ही है। ऐसे में शहर में घर का निर्माण कार्य करते समय नियमों का पालन करें।