जोगिंद्रनगर (मंडी)। क्षेत्र की लांगणा पंचायत में एक घोड़े में ग्लैंडर रोग की पुष्टि होने के बाद 100 अश्वों के खून के सैंपल परीक्षण के लिए हिसार भेजे गए हैं। इनकी रिपोर्ट आने के बाद पशुपालन विभाग आगामी कार्रवाई अमल में लाएगा।
पशुपालकों में सतर्कता बढ़ाते हुए वीरवार को वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डाॅ. अरविंद शर्मा की अगुवाई में पशु चिकित्सा अधिकारी डाॅ. मनीष, मुनीश चंद्र, शाश्वत, पारूल, डा. रिजू ने नेरी लांगणा में विशेष शिविर आयोजित कर पशु स्वास्थ्य, पोषण और ग्लैंडर रोग से सुरक्षित बचाने के लिए जागरूकता फैलाई। इस रोग के फैलने की आशंका को देखते हुए घोड़े, गधे और खच्चरों को भी सीमावर्ती क्षेत्र से बाहर न ले जाने का आह्वान किया। इस दौरान पशुपालन विभाग ने दवाइयां भी बांटी।
उपमंडलीय पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरविंद शर्मा बताया कि पांच किलोमीटर क्षेत्र में अश्व जाति के मवेशियों की रैंडम सैंपलिंग की गई। अभी तक 100 अश्वों के खून के सैंपल परीक्षण के लिए भेजे गए हैं। तीन माह तक सैंपलिंग अभियान जारी रहेगा। बीते दिसंबर 2024 में जोगिंद्रनगर उपमंडल के लांगणा पंचायत के समोण गांव में घोड़े की मौत होने के बाद सैंपल रिपोर्ट में ग्लैंडर रोग की पुष्टि हुई थी। उपमंडल में 640 घोड़ों को इस रोग से बचाने के लिए जिला पशु पालन विभाग की टीम ने वीरवार को फिर लांगणा पंचायत में पहुंचकर घोड़ा पालकों, पंचायत प्रतिनिधियों से भी बैठक कर आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए हैं। संवाद