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Mandi News: बेटियां पैदल, व्यवस्था बेहाल<bha>;</bha> बस सुविधा का इंतजार

Sat, 17 Oct 2026 01:04 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
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डोहग आईटीआई की 150 छात्राएं रोजाना 8 से 10 किलोमीटर पैदल सफर करने को मजबूर
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पड़ताल....
राजेश शर्मा
जोगिंद्रनगर (मंडी)। सुबह संस्थान पहुंचने के लिए पैदल सफर और शाम को घर लौटते समय अंधेरे का डर। जोगिंद्रनगर के डोहग स्थित राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) में प्रशिक्षण हासिल कर रहीं करीब 150 छात्राएं लंबे समय से बस सुविधा के अभाव में परेशान हैं।
शहर से करीब पांच किलोमीटर दूर स्थित संस्थान तक पहुंचने और वापस लौटने के लिए छात्राओं को रोजाना 8 से 10 किलोमीटर पैदल चलना पड़ रहा है। हैरानी की बात है कि वर्ष 2000 में स्थापित संस्थान में दो दशक से अधिक समय बीतने के बाद भी छात्राओं को नियमित बस सुविधा नहीं मिल पाई है। इससे उनकी पढ़ाई के साथ सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
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आईटीआई जोगिंद्रनगर में 300 से अधिक प्रशिक्षु विभिन्न ट्रेडों में तकनीकी प्रशिक्षण हासिल कर रहे हैं। इनमें करीब 150 छात्राएं शामिल हैं। संस्थान की समयसारिणी और हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की बसों के समय में तालमेल नहीं होने के कारण छात्राओं को पैदल सफर करना पड़ता है।
आईटीआई की प्राचार्य इंजीनियर रीता कुमारी के अनुसा, सुबह साढ़े नौ बजे और शाम साढ़े चार से पांच बजे के बीच निगम की बस सेवा शुरू हो जाए तो प्रशिक्षुओं को काफी राहत मिल सकती है। वहीं, एचआरटीसी धर्मशाला डिवीजन के डीएम पंकज चड्ढा ने बताया कि आईटीआई तक बस सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारणों का पता लगाने के लिए स्थानीय बस अड्डा प्रबंधन से स्थिति रिपोर्ट मांगी जा रही है।
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बसों का समय संस्थान की समयसारिणी से मेल नहीं खाता। ऐसे में रोजाना पैदल सफर करना पड़ता है और घर पहुंचने में भी परेशानी होती है। -सोनिया, प्रशिक्षु छात्रा
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संस्थान में करीब 150 छात्राएं प्रशिक्षण ले रही हैं, लेकिन लंबे समय से बस सुविधा का अभाव बना हुआ है। -राशि, प्रशिक्षु छात्रा
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सुबह साढ़े नौ बजे और शाम साढ़े चार बजे बस मिल जाए तो रोजाना 8 से 10 किलोमीटर पैदल चलने से राहत मिलेगी। -मोनिका, प्रशिक्षु छात्रा
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सर्दियों में घर लौटते समय अंधेरा हो जाता है। बस सुविधा नहीं होने से छात्राओं की सुरक्षा को लेकर अभिभावक भी चिंतित रहते हैं। -अमिता, प्रशिक्षु छात्रा
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