मंडी। उत्तरशाल के कालंग गांव में पहाड़ी धंसने के कारणों का पता लगाया जाएगा। भू-गर्भ वैज्ञानिक इस पहाड़ी की मिट्टी की जांच कर गहन अध्ययन करेंगे। प्रशासन ने इस साइट को भू-गर्भीय सर्वेक्षण करने के लिए चिह्नित कर प्रस्ताव भेजा है। इसके बाद विशेषज्ञों की रिपोर्ट पर ही इस गांव का वजूद निर्भर करेगा। यह गांव रहने के लिए सुरक्षित है या नहीं, रिपोर्ट के बाद ही इसका पूरी तरह खुलासा होगा।
जुलाई में कालंग गांव की जमीन धंसना शुरू हो गई। इससे लोगाें की जमीन और घरों में दरारें आ गई थीं। इस कारण प्रशासन को इस गांव को खाली करवाना पड़ा। गांव से करीब डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर ग्रामीणों के लिए टेंट लगाए गए। करीब अस्सी दिनों से लोग टेंट में रहने को मजबूर हैं।
हालांकि मौसम साफ होने पर घर पहुंच जाते हैं लेकिन बारिश होने की स्थिति में इन लोगों को दोबारा टेंट में समय बिताना पड़ता है। अभी भी गांव को जोड़ने वाली सड़क करीब दो किलोमीटर पीछे तक ही बहाल हो पाई है। इस कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीण अब इस गांव में रहने से कतरा रहे हैं। खौफ के कारण लोग किसी अन्य सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने के पक्ष में है।
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कालंग गांव में जमीन धंसने के कारणों का अध्ययन किया जाएगा। जल्दी भू-गर्भ वैज्ञानिकों की टीम कालंग गांव का दौरा करेगी। भू-गर्भीय सर्वेक्षण के लिए इस गांव की साइट को चयनित किया गया है।
-मोहन लाल, नायब तहसीलदार, कटौला
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