टॉवर लगाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह से पुलिस पूछताछ में कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद बढ़ गई है। करसोग पुलिस ने तीन आरोपियों को जेएमआईसी कोर्ट में पेश करके पांच दिन के रिमांड पर लिया है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि शातिर गिरोह पांच सौ लोगों को ठगी का शिकार बना चुका है।
करसोग पुलिस की ओर से गिरफ्तार किए गए तीनों शातिरों ने दिल्ली के शाहदरा रामनगर में किराए के मकान में से ठगी का गोरखधंधा चला रखा था। विज्ञापनों के जरिये शातिर टावर लगाने के नाम पर ठगी करते थे। करसोग के शंकर देहरा गांव के रामलाल से भी टावर लगाने के नाम पर शातिरों ने एक लाख 4900 रुपये अलग-अलग बैंक खातों में जमा करवाए थे। मामले की गहन तफ्तीश करने पर करसोग पुलिस टीम ने तीनों शातिरों को दिल्ली से धर दबोचा। उसके पास से 17 मोबाइल, 24 सिम कार्ड, छह पासबुक, 10 एटीएम और 1 लाख 12 हजार की नकदी बरामद की है।
करसोग थाना प्रभारी सुनील कुमार ने बताया कि इन तीनों आरोपियों में कोई भी ज्यादा पढ़ा लिखा नहीं है। उसके बावजूद भी इतनी बड़ी ठगी को अंजाम देते थे। इनके साथ कोई मास्टरमाइंड भी है या नहीं, इसे जानने की पुलिस कोशिश कर रही है। ठगी करने वाला मुख्य सरगना दीपक व दीप कुमार मात्र आठवीं पास हैं। जबकि योगेश कुमार ने स्कूल मात्र दो साल ही देखा है। उन्होंने कहा कि शातिरों ने किन-किन लोगों को ठगी का शिकार बनाया है। उनके नाम पते जांचने की भी पुलिस इनसे प्रयास कर रही है।