पधर (मंडी)। मंडी-पठानकोट फोरलेन समन्वय समिति फेज-5 की बैठक समिति अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में समिति कार्यालय मैगल में हुई। इस दौरान मंडी-पठानकोट फोरलेन फेज-5 में निर्माण में जुटी गाबर कंपनी की मनमानी और स्थानीय लैंड लूजर्स और प्रभावित लोगों को रोजगार न देने पर मंथन किया गया।
इस दौरान समिति के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि गाबर कंपनी स्थानीय लोगों को डरा धमकाकर और झूठे मुकदमे दर्ज करवाकर प्रताड़ित कर रही है। पिछले सप्ताह से कंपनी ने हरियाणा से 30 बाउंसर द्रंग में लाकर ठहराए हैं, जो कंपनी के प्लांट मैगल में जाकर स्थानीय लोगों और वहां आंदोलन कर रहे समिति के लोगों को डरा-धमका रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कुछ वर्ष पहले भी एक प्राइवेट कंपनी के बाउंसरों ने स्थानीय लोगों के साथ मारपीट थी और हथियार लहराए थे। तब स्थानीय लोगों की भीड़ हिंसक हो गई थी और आवेश में आकर भीड़ ने कई बाउंसरों को मार दिया था। समिति सदस्यों ने आरोप लगाया कि स्थानीय प्रशासन और पुलिस गाबर कंपनी के साथ मिले हुए हैं। पुलिस कंपनी के इशारे पर तुरंत मैगल पहुंच जाती है और उनके शांतिपूर्वक आंदोलन को कुचलना का भरसक प्रदान कर रही है।
समिति के सदस्यों ने प्रदेश सरकार से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है। बैठक में कंपनी की कथित दमनकारी नीतियों और किराये पर लाए गए बाउंसरों की अवांछित गतिविधियों के विरोध में जिला प्रशासन को तुरंत कार्रवाई के लिए ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया गया। उन्होंने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि फोरलेन में स्थानीय लोगों के हक हकूकों को ध्यान में रखते हुए रोजगार दिया जाए, अन्यथा आने वाले समय में लोग संघर्ष को और तेज करेंगे।