जोगिंद्रनगर (मंडी)। फायर सीजन में जंगलों को आग से बचाने के दावे जमीनी हकीकत में फेल होते नजर आ रहे हैं। वन मंडल जोगिंद्रनगर में अब तक आग की 15 से ज्यादा घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनमें लाखों की वनसंपदा जलकर राख हो चुकी है।
वन मंडल जोगिंद्रनगर के लडभड़ोल, उरला, टिक्कन और जोगिंद्रनगर रेंज में अप्रैल और मई में जंगलों में लगी आग से करीब 15 हेक्टेयर क्षेत्र में रोपे गए पेड़-पौधे पूरी तरह जल चुके हैं। इन घटनाओं से लगभग पांच लाख रुपये से अधिक का नुकसान आंका गया है।
आग की विभीषिका में वन्य जीव भी जिंदा जल गए, जबकि फैले धुएं से पर्यावरण को भी भारी नुकसान हुआ। पिछले वर्ष घट्टा, गलू और अपरोच रोड के समीप लगी आग ने रिहायशी इलाकों को भी खतरे में डाल दिया था, लेकिन इस बार भी विभाग की तैयारियां नाकाफी साबित हो रही हैं।
उधर, वन मंडल जोगिंद्रनगर के एसीएफ अश्वनी कुमार ने कहा कि ड्राई रन और गर्मी के कारण आग की घटनाएं बढ़ी हैं। विभाग के डेढ़ सौ से अधिक कर्मचारी और अधिकारी फील्ड में तैनात हैं, जो आग बुझाने के लिए प्रयासरत हैं संवाद