मंडी। नाबालिग से छेड़छाड़ का अभियोग साबित होने पर आरोपी को पांच साल के कठोर कारावास और 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पोक्सो) की फास्ट ट्रैक विशेष अदालत ने आरोपी के खिलाफ भादंसं की धारा 452 और पोक्सो अधिनियम की धारा 10 के तहत क्रमशः एक वर्ष का साधारण कारावास और पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी को इन धाराओं के तहत पांच हजार और दस हजार रुपये जुर्माने की सजा भी सुनाई है। ये दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी। आरोपी की ओर से जुर्माना राशि अदा न करने पर उसे तीन माह और छह माह के अतिरिक्त कठोर कारावास की सजा भुगतनी होगी। जिला न्यायवादी विनोद भारद्वाज ने बताया कि 9 दिसंबर 2019 को पीडिता ने अपने परिजनों के साथ पुलिस चौकी गागल में शिकायत दर्ज करवी थी कि 9 दिसंबर को शाम के समय पीड़िता अपने लेंटर पर घूम रही थी। इसी दौरान पीड़िता के ताया ने उसे नीचे बुलाया और दरवाजा खोलने को कहा। जब पीड़िता दरवाजा खोल रही थी तो इसी दौरान आरोपी ने पीड़िता के साथ छेड़खानी की। पीड़िता के विरोध करने पर आरोपी ने उसे पैसे देने की बात कही। इस पर पीड़िता अपनी बुआ के घर भाग गई और इस घटना के बारे में अपने माता-पिता को बताया। पुलिस ने मामला दर्ज होने के बाद तहकीकात पूरी होने पर आरोपी के खिलाफ अदालत में अभियोग चलाया था। अभियोजन पक्ष की ओर से इस मामले की पैरवी उप जिला न्यायवादी नितिन शर्मा ने की। अभियोजन पक्ष की ओर से इस मामले को साबित करने के लिए 15 गवाहों के बयान कलमबंद करवाए गए। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों से आरोपी के खिलाफ नाबालिग से छेड़छाड़ करने का अभियोग संदेह की छाया से दूर साबित हुआ है। जिसके चलते अदालत ने आरोपी को उक्त कारावास और जुर्माने की सजा का फैसला सुनाया है।