मंडी। दिवाली के मद्देनजर आग की घटनाओं से निपटने के लिए अग्निशमन विभाग मंडी ने कमर कस ली है। विभागीय कर्मचारियों ने जलशक्ति विभाग के कर्मचारियों के साथ शहर में विभिन्न स्थापित फायर हाइड्रेंट का निरीक्षण पूरा कर लिया है। पड्डल मैदान में सजने वाली पटाखा मार्केट के पास भी निरीक्षण कर फायर टेंडर तैनात रखने का निर्णय लिया है, ताकि आग लगने की स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके।
दिवाली पर्व के मद्देनजर अग्निशमन विभाग ने विभागीय कर्मचारियों के अवकाश 15 नवंबर तक स्थगित कर दिए हैं, ताकि आपात स्थिति में कर्मचारियों की कमी न खले और समय पर जान-माल को बचाया जा सके। दिवाली पर्व के दौरान मंडी शहर में आग लगने की कई घटनाएं हुई हैं। हालांकि उनपर अग्निशमन विभाग ने काबू पा लिया था, लेकिन घटनाएं दोबारा न हो इसके लिए विभाग और प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है।
दीपावली पर्व को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा कुछ वर्षों से पटाखों की बिक्री के लिए छोटा पड्डल मैदान में लाइसेंस धारकों को ही दुकानें सजाने की अनुमति दी है। शहर के बाजार की किसी भी दुकान पर पटाखों की बिक्री नहीं हो सकेगी।
अग्निशमन विभाग अलर्ट मोड परः ठाकर दास
अग्निशमन विभाग के स्टेशन फायर ऑफिसर ठाकर दास ने बताया कि शहर में स्थापित 185 फायर हाईड्रेंट का निरीक्षण कर लिया है। जल शक्ति विभाग द्वारा नई पाइप लाइन बिछाने पर अधिकांश स्थानों पर दो-दो हाइड्रेंट लगे हैं। आग से निपटने के लिए विभाग के पास चार वाहन तैनात कर दिए हैं। एक नौ हजार लीटर पानी की क्षमता का वाटर डोजर है। इसके अलावा 5 हजार लीटर और 45 सौ लीटर के वाहन भी अलर्ट मोड पर हैं। शहर के भीतर भूतनाथ, चंद्रलोग, बंगला सहित, टारना पौड़ी से ऊपरी और थनेहड़ा वार्ड से नीचे के इलाकों में फायर टेंडर से आग पर काबू पाया जा सकेगा।
स्वास्थ्य विभाग ने किए विशेष प्रबंधः डॉ. दिनेश
जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दिनेश ठाकुर ने बताया कि दिवाली पर्व पर आग से झुलसे लोगों के उपचार के लिए विशेष प्रबंधन किए हैं। आग से झुलसने पर जले हुए भाग पर ठंडा पानी डालें। इससे जलन में राहत मिलेगी। छाले नहीं पड़ेंगे। जलने पर घरेलू उपचार न करते हुए तुरंत अस्पताल पहुंचें और चिकित्सक से सलाह लेकर उपचार लें। उन्होंने सभी लोगों से सुरक्षित और प्रदूषण रहित दिवाली मनाने का आग्रह किया है।