परिवार की सदस्य बबली कुमारी ने बताया कि घटना के समय घर में कोई भी मौजूद नहीं था। सबसे पहले मकान के एक बड़े कमरे से धुआं उठता दिखाई दिया। ग्रामीणों ने इसकी सूचना परिवार को देने के साथ आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। उन्होंने बताया कि यदि समय रहते रसोईघर में रखा गैस सिलिंडर बाहर नहीं निकाला जाता तो आग आसपास के पांच अन्य मकानों तक भी फैल सकती थी। सूचना मिलने पर अग्निशमन विभाग गोहर (चैलचौक) की टीम मौके पर पहुंची। स्थानीय ग्रामीणों और दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
अग्निशमन विभाग के लीडिंग फायरमैन रमेश कुमार ने बताया कि घटनास्थल तक दमकल वाहन नहीं पहुंच सकता था। ऐसे में टीम ने पंप की सहायता से टैंक से पानी लिफ्ट कर आग बुझाई और उसे आसपास के मकानों तक फैलने से रोक दिया। घटना की सूचना पर गोहर पुलिस और पटवारी छपराहण भी मौके पर पहुंचे। राजस्व विभाग ने नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है। एसडीएम गोहर देवी राम ने बताया कि प्रभावित परिवार को प्रशासन की ओर से फौरी राहत के रूप में 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता, दो तिरपाल और राशन उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग की रिपोर्ट के आधार पर आगे की सहायता प्रदान की जाएगी।