मंडी। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी सरकाघाट की अदालत ने मनरेगा कार्य में कथित अनियमितताओं और सरकारी धन के दुरुपयोग के मामले में पुलिस को एफआईआर दर्ज करने के निर्देश जारी किए हैं। शिकायतकर्ता पूर्ण चंद की निजी शिकायत पर अदालत ने यह निर्देश दिए हैं।
मामले के तथ्यों के अनुसार शिकायत में आरोप लगाया है कि अगस्त 2024 में ग्राम पंचायत जुकैन में नंद लाल के घर से तेज सिंह के घर तक एक रास्ता मनरेगा के तहत स्वीकृत दिखाया गया था। पंचायत कार्यालय में खर्च का ब्यौरा दर्ज था, लेकिन मौके पर कोई रास्ता बना ही नहीं पाया गया। आरटीआई से प्राप्त दस्तावेजों में मजदूरों का मस्टररोल, भुगतान रजिस्टर और व्यय विवरण मौजूद थे, जिनसे संकेत मिलता है कि राशि निकाली जा चुकी थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि यह दस्तावेज मनरेगा राशि निकालने के लिए तैयार किए गए, जबकि जमीन पर कार्य नहीं हुआ। पूर्ण चंद ने 8 अगस्त 2025 को एसपी विजिलेंस मंडी को इस बाबत शिकायत भेजी, लेकिन कोई कार्रवाई न होने पर उन्होंने अदालत में याचिका दायर की। पुलिस की रिपोर्ट में कहा गया कि उनके पास ऐसी कोई शिकायत नहीं आई थी।
अदालत ने आरटीआई दस्तावेजों और शपथपत्र का अवलोकन करने के बाद कहा कि रिकॉर्ड में दिखाया गया व्यय और जमीन पर काम न होने के दावे के बीच गंभीर विसंगति दिखाई देती है। अदालत ने संबंधित एसएचओ को उचित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अनुपालना रिपोर्ट 6 मार्च 2026 तक मांगी गई है।
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