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Mandi News: आखिर न्याय मिला, बीमा निगम को देने पड़े 4.58 लाख

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मंडी। मंडी के हरचरण सिंह उर्फ झरना का संघर्ष काम आया। उसे अपनी स्वास्थ्य जीवन बीमा पाॅलिसी के तहत मिलने वाला क्लेम 9 साल बाद मिला। मंडी सेरी बाजार में नामधारी मेडिकल स्टोर चलाने वाले हरचरण सिंह ने बीमा निगम से स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी खरीदी थी, इसमें पूरा परिवार कवर था। बीमा की राशि 2 लाख रुपये थी।
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इसी बीच 20 फरवरी 2016 को उसकी पत्नी देविंद्र कौर को हृदय रोग संबंधी समस्या हो गई। उनका उपचार पीजीआई चंडीगढ़ में करवाना पड़ा। इस पर लगभग 2 लाख 70 हजार रुपये खर्च आया। हरचरण सिंह ने खर्चे के सभी दस्तावेज बीमा कार्यालय में जमा करवा कर स्वास्थ्य बीमा पालिसी के तहत क्लेम मांगा।
यह तर्क दिया कि हरचरण सिंह ने बीमारी संबंधित तथ्य छुपाए थे और उसका क्लेम निरस्त कर दिया। इस पर जिला उपभोक्ता फोरम का दरवाजा खटखटाया, मगर वहां से उसकी अपील खारिज कर दी गई। हरचरण सिंह राज्य उपभोक्ता फोरम में गए। अब उसके हक में फैसला आया है। राज्य आयोग ने हरचरण सिंह को 2 लाख 70 हजार रुपये 9 प्रतिशत ब्याज सहित अदा करने के आदेश दिए। साथ ही 20 हजार रुपये मानसिक उत्पीड़न के अलग से देने के आदेश जारी किए।
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इस फैसले को राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग में चुनौती दी। पांच साल के बाद 10 मई 2024 को राष्ट्रीय आयोग ने राज्य आयोग का फैसला बरकरार रखा। केवल 20 हजार रुपये मानसिक उत्पीड़न को माफ कर दिया। फैसले के बाद बीमा निगम ने रकम 4.58 लाख रुपये जिला उपभोक्ता फोरम के पास जमा करवाए लेकिन प्रदेश उच्च न्यायालय से इसे शिकायतकर्ता को जारी न करने पर स्टे हासिल किया। हरचरण सिंह ने स्टे को हटाने के लिए फिर प्रयास किए और उसमें सफल रहे। संवाद
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