जाइका परियोजना के प्रशिक्षण से खेती में आया नवाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
चौंतड़ा (मंडी)। हिमाचल प्रदेश के कृषि विभाग की जाइका परियोजना के माध्यम से प्रदेश के किसान धीरे-धीरे आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हो रहे हैं। इसी कड़ी में विकास खंड चौंतड़ा की ग्राम पंचायत भड्याडा के निवासी अरविंद कुमार ने प्राकृतिक खेती के जरिये एक सफल उदाहरण प्रस्तुत किया है।
शिक्षा विभाग से प्रधानाचार्य पद से सेवानिवृत्त अरविंद कुमार ने जाइका परियोजना के अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद अपने घर में प्राकृतिक खेती शुरू की। वर्तमान में उन्होंने स्ट्रॉबेरी की सफल फसल तैयार की है, जिसे बाजार में अच्छे दाम मिल रहे हैं।
जाइका परियोजना के माध्यम से जहां किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, वहीं दुग्ध उत्पादन क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रयास किए जा रहे हैं। इसी उद्देश्य से मंगलवार को हिमकोष, धौलाधार मिल्क और जाइका मुख्यालय की ओर से भडयाड़ा में किसानों के लिए एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में किसानों को बताया गया कि वे किस प्रकार दूध की गुणवत्ता में सुधार कर उसे बेहतर दाम पर बेच सकते हैं तथा दुग्ध उत्पादन के माध्यम से अपनी आय बढ़ा सकते हैं। बीपीएम सरकाघाट अश्वनी कुमार ने बताया कि जाइका परियोजना के तहत स्वयं सहायता समूहों का भी गठन किया जा रहा है।