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Mandi News: नियमों को ताक पर रख सुकेती खड्ड किनारे हो रही खोदाई

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मंडी शहर से सटे पुलघराट में सुकेती खड्ड के किनारे खुदाई करते प्रवासी। स्त्रोत जागरूक पाठक
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पार्षद समेत स्थानीय लोगों को बरसात में नुकसान का डर, प्रशासन नगर निगम नहीं कर रहा कार्रवाई
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संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। शहर से सटे पुलघराट में प्रवासी नियमों को ताक में रखकर सुकेती खड्ड के किनारे खोदाई कर रहे हैं। इससे स्थानीय पार्षद वीरेंद्र आर्य, डॉक्टर हेम लता समेत स्थानीय लोगों को बरसात में नुकसान का डर सताने लगा है। प्रवासी पुलघराट में जहां गोलीकांड हुआ था, उसी भवन के नीचे टपरी बनाने के लिए एनजीटी के नियमों को ताक में रखकर पहाड़ी को खोद रहे हैं। इससे ऊपर सड़क और आसपास के लोगों के घरों को बरसात में खतरे का डर सताने लगा है।
प्रवासियों ने लोगों के घरों के आमने-सामने बड़ी संख्या में कबाड़ रखा है। इसके अलावा आधा कबाड़ उन्होंने एनएच के किनारे पर रखा है। इसे लेकर प्रशासन और नगर निगम भी काई कार्रवाई नहीं कर पा रहा है। यही वजह है कि प्रवासी बिना रोक टोक के नियमों को तोड़ रहे हैं। पार्षद वीरेंद्र आर्य ने बताया कि इन लोगों ने यहां पर सड़क के नीचे डंपिंग साइट बना दी है। पहले नगर निगम की ओर से इन पर जुर्माना लगाया गया था, लेकिन अब फिर से वह उसी कार्य में जुटे हुए हैं। जहां प्रवासी रह रहे हैं, वहां पेयजल स्रोत भी हैं। उसका भी पानी स्थानीय लोगों को भरने नहीं दिया जा रहा। चारों तरफ गंदगी फैलाई जा रही है। उनका कहना है कि जिस तरीके से खुदाई की जा रही है। अगर बरसात के दिनों सुकेती में पहले जैसी बाढ़ की स्थिति हुई तो काफी नुकसान हो सकता है। पार्षद समेत स्थानीय लोगों ने नगर निगम और जिला प्रशासन से मांग की है कि उक्त कार्य को रुकवाया जाए और बेतरतीब ढंग से रखे कबाड़ को उठवाया जाए।
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निगम आया हरकत में, मौके पर की कार्रवाई
पुलघराट के पास प्रवासियों की ओर से ढारे की खोदाई करने और कबाड़ रखने को लेकर निगम हरकत में आया। सफाई निरीक्षक सतीश गुलेरिया मौके पर पहुंचे और उनका काम बंद करवाया। साथ ही प्रवासियों से पुलघराट में सड़क किनारे रखा सामान भी उठवाया। सतीश गुलेरिया ने बताया कि प्रवासियों को चेतावनी दी है कि यहां खड्ड किनारे सामान को हटाकर जल्द जगह को खाली करें और अपने लिए कहीं किराये पर कमरा ढूंढें। यह भी सामने आया कि प्रवासियों ने कमरे लिए हैं, लेकिन रात को ही वहां जाते है। दिन के समय पुलघराट के पास खड्ड के किनारे रहते हैं।
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