अदालत की सख्ती के बाद हरकत में आया लोक निर्माण विभाग
पीड़ित कर्मचारी वीरेंद्र कुमार को मिला न्याय, 6 प्रतिशत ब्याज के साथ हुआ भुगतान
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। लेबर कोर्ट के आदेशों की अनुपालना में आनाकानी कर रहे लोक निर्माण विभाग को मंडी अदालत के कड़े रुख के बाद आखिरकार झुकना पड़ा। अदालत की ओर से सर्किट हाउस की कुर्की की चेतावनी और सख्त आदेश जारी होने के बाद विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ित कर्मचारी को उसका हक दिला दिया। विभाग ने छह प्रतिशत ब्याज सहित कुल 3,47,152 रुपये की डिक्री राशि अदालत में जमा करवा दी है।
औद्योगिक ट्रिब्यूनल सह श्रम न्यायालय की ओर से 7 सितंबर, 2022 को पारित आदेशों की अनुपालना में याचिकाकर्ता वीरेंद्र कुमार निवासी छप्रोहल, डाकघर गागल, तहसील बल्ह, जिला मंडी को यह राहत मिली है। अधीक्षण अभियंता, प्रथम वृत्त, लोक निर्माण विभाग मंडी की ओर से कर्मचारी के पक्ष में छह प्रतिशत ब्याज सहित डिक्री की कुल राशि का भुगतान किया गया है।
इस संबंध में विभाग ने 16 अक्तूबर को डिमांड ड्राफ्ट संख्या 496649 वरिष्ठ सिविल जज, मंडी के पक्ष में तैयार करवाया। इसके बाद शनिवार को अदालत में औपचारिक आवेदन प्रस्तुत कर डिक्री राशि जमा करवाई गई।
गौरतलब है कि श्रम न्यायालय ने 7 सितंबर, 2022 को वीरेंद्र कुमार के पक्ष में फैसला सुनाते हुए 34 माह के वेतन के बराबर हर्जाने और ब्याज का अवार्ड पारित किया था। हालांकि, लंबे समय तक भुगतान नहीं होने के कारण मामला अदालत पहुंच गया। विभाग की ओर से लगातार टालमटोल किए जाने और किसी भी अपीलीय प्राधिकारी की ओर से स्थगन आदेश (स्टे ऑर्डर) प्रस्तुत नहीं किए जाने पर अदालत ने कड़ा संज्ञान लिया।
इसके बाद अदालत ने लोक निर्माण विभाग के सर्किट हाउस की कुर्की के आदेश जारी कर दिए। अदालत की सख्ती और कुर्की की कार्रवाई के अल्टीमेटम के बाद विभाग हरकत में आया और सभी औपचारिकताएं पूरी कर छह प्रतिशत ब्याज सहित पूरी डिक्री राशि डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से अदालत में जमा करवा दी।
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न्यायालय के आदेशानुसार विभाग की ओर से डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से छह प्रतिशत ब्याज सहित 3,47,152 रुपये की डिक्री राशि का भुगतान कर दिया गया है। -डीके वर्मा, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग मंडल, मंडी