अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के प्रदेश महासचिव एनआर ठाकुर का कहना है कि इनकम टैक्स के स्लैब में कोई बढ़ोतरी न करने से मध्यम वर्गीय कर्मचारी निराश हैं।
कर्मचारियों को तीन लाख तक इनकम टैक्स में छूट देने की उम्मीद थी। उन्होंने कहा कि पांच लाख तक की आय वालों के लिए कर छूट की अधिकतम सीमा को दो हजार से बढ़ा कर पांच हजार किया गया है, जो कि सराहनीय है। मध्यम वर्गी कर्मचारी को बजट में कोई राहत नहीं दी गई हैै।
वरिष्ठ नागरिक बीके शर्मा का कहना है कि इनकम टैक्स के स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया। जिससे पेंशनर निराश है। आम बजट में उम्मीद थी कि सरकार इनकम टैक्स की सीमा में बढ़ोतरी कर राहत देगी। लेकिन ऐसा कुछ नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि विकास के लिए बजट में काफी कुछ है।
नई स्वास्थ्य रक्षा स्कीम में वरिष्ठ नागरिकों के 30 हजार रुपये तक अतिरिक्त टॉप अप पैकेज का प्रावधान करना सराहनीय है। व्यापार मंडल मंडी के महासचिव राजेश महेंद्रू ने कहा कि आम बजट में छोटे व मध्यम व्यापारी वर्ग के लिए कुछ नहीं है। विभिन्न उत्पादों पर टैक्स बढ़ाया गया है। जिससे महंगाई बढ़ेगी। बजट से व्यापारी वर्ग नाखुश है।
युवा भारत मंडयाल का कहना है कि केंद्र सरकार ने बजट में शिक्षा व रोजगार सृजन के लिए नये प्रयास शुरू करने का प्रावधान किया है। लेकिन बेरोजगारों के लिए रोजगार उपलब्ध करवाने की बात नहीं कही गई है। हिमाचल किसान सभा मंडी के कार्यकारी अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह ने कहा कि बजट में किसानों व बागवानों के हित में जो घोषणाएं की गई है। वह नाकाफी है। किसानों के ऋण अदायगी का बोझ कम करने के लिए 15 हजार करोड़ बजट का प्रावधान किया है। जोकि नाम मात्र है।