कहा- वर्ल्ड बैंक ने सुंदरनगर शहर के लिए स्वीकृत की 46.47 करोड़ रुपये की योजना
संवाद न्यूज एजेंसी
सुंदरनगर (मंडी)। नगर परिषद सुंदरनगर को अब बिजली की समस्या से स्थायी राहत मिलने वाली है। बरसात और अंधड़ में यहां बार-बार पेड़ गिरने और तार टूटने के कारण बिजली व्यवस्था ठप हो जाती थी। इससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था। अब इन्हीं समस्याओं से सुंदरनगर शहर को निजात मिलने वाली है।
सुंदरनगर के विधायक और भाजपा के मुख्य प्रवक्ता राकेश जम्वाल ने बताया कि पूर्व जयराम सरकार के समय 2019 में इस समस्या के समाधान के लिए एक बड़ी योजना बनाई गई थी। इसकी डीपीआर तैयार कर 2021 में वर्ल्ड बैंक को भेजी गई थी। उस समय यह योजना वर्ल्ड बैंक ने स्वीकृत की और 46.47 करोड़ रुपये की लागत से इसे मंजूरी दी गई। इस योजना के तहत शहर की 33 केवी और 11 केवी की बिजली लाइनों को अंडरग्राउंड किया जाएगा और आधुनिक ट्रांसफार्मर डीजी सेट की तर्ज पर लगाए जाएंगे।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि यह केंद्र सरकार की संवेदनशीलता और सहयोग का ही परिणाम है। कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने हिमाचल को आर्थिक रूप से खस्ताहाल स्थिति में ला दिया है। उनके पास विकास के लिए पैसा नहीं है, लेकिन अपने ही संगठन में चल रहे विद्रोह को शांत करने के लिए पदों की बंदरबांट करने में व्यस्त हैं। कांग्रेस की सरकार पूरी तरह संवेदनहीन है। सरकार केवल राजनीति में उलझी हुई है।