मंडी। प्रदेश सरकार आम यात्रियों को बेहतर सुविधा देने के दावे करती है लेकिन मंडी शहर में सरकार के दावों की हवा निकाली जा रही है। शहर में लोगों को सस्ती परिवहन सुविधा के लिए दौड़ाई जा रही राइड विद प्राइड की चार टैक्सियां एचआरटीसी ने बिना सूचना के बंद कर दी हैं।
लोकल रूटों में छह टैक्सियां चलाई जा रही थीं। अब सड़कों पर महज दो टैक्सियां ही दौड़ रही हैं। चार टैक्सियां खड़ी धूल फांक रही हैं। ऐसे में लोगों को सस्ती सेवा को छोड़कर आटो रिक्शा का सहारा लेना पड़ रहा है। यह लोगों की जेब पर भारी पड़ रहा है। राइड विद प्राइड में यात्री को 10 रुपये देने पड़ते थे, अब स्पेशल आटो करके तीस से पचास रुपये अदा करने पड़ रहे हैं।
उधर, पथ परिवहन निगम के कुछ अधिकारियों का तर्क है कि शहर में टैक्सी की सवारियां कम होने से दो ही टैक्सियों को लोकल रूटों पर दौड़ाया जा रहा है। हैरानी कि बात है कि मंडी बस स्टैंड में सुबह से लेकर शाम तक लोगों की भारी उमड़ी रहती है। आटो भी कई बार कम पड़ते हैं। बावजूद चार टैक्सियों को बंद करना निगम प्रबंधन की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगा रहा है।
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दस की जगह अब लग रहे पचास रुपये
राइड विद प्राइड टैक्सियां मंडी बस स्टैंड से टारना, खलियार, अस्पताल, बिंद्रावणी, सौली खड्ड, नेला, मट्टर सहित अन्य लोकल रूटों पर दौड़ती हैं। इन लोकल रूटों पर यात्रियों को महज दस रुपये अदा करने पड़ते हैं। चार टैक्सी सेवा बंद होने से अब लोगों को निजी वाहन का सहारा लेना पड़ रहा है। यात्रियों सोहन सिंह, नेक राम, सुरेश ठाकुर, यादव, गोपाल, सौरव सहित अन्य का कहना है कि टैक्सियां बंद होने से अब ऑटो में पचास रुपये तक अदा करने पड़ रहे हैं।
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बंद सेवा जल्द होगी बहाल : आरएम
पथ परिवहन निगम मंडी के क्षेत्रीय प्रबंधक गोपाल शर्मा का कहना है कि शहर में लोकल रूटों पर छह टैक्सियां चल रही हैं। किन्हीं कारणों के चलते कुछ टैक्सियां बंद की थीं, जिन्हें तुरंत चलाया जाएगा। दो टैक्सियों को चार्ज करने के लिए रखा जाता है। इन्हें चेंज करके रूटों पर भेजा जाता है। एक टैक्सी एक बार चार्ज होने के बाद 70 किलोमीटर तक चल सकती है।
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