कमरुनाग यात्रा मार्ग पर वन विभाग नाचन की ओर से लगाये इको फ्रेंडली डस्टबिन। संवाद
गोहर (मंडी)। सरानाहुली मेले से एक दिन पहले नाचन वन मंडल ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में पहल करते हुए सरोआ जालपा माता मंदिर से लेकर बड़ादेव कमरुनाग मंदिर तक ईको फ्रेंडली डस्टबिन स्थापित किए। इस कदम का उद्देश्य न केवल पर्यटकों और श्रद्धालुओं को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना है बल्कि प्राकृतिक धरोहरों को प्लास्टिक और अन्य कचरे से मुक्त रखना भी है।
वन मंडल अधिकारी नाचन एसएस कश्यप के नेतृत्व में यह अभियान शुक्रवार को चलाया गया। वन विभाग की टीम ने सरोआ कमरुनाग मार्ग पर जगह-जगह ईको फ्रेंडली डस्टबिन लगाए। इससे श्रद्धालु यात्रा के दौरान कचरे को खुले में न फेंकें। शनिवार को शुरू हो रहे सरानाहुली मेले में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के पहुंचने की उम्मीद है। इस दौरान बड़ादेव कमरुनाग मंदिर और उसके आसपास के क्षेत्र में स्वच्छता बनाए रखने के लिए ये डस्टबिन बड़ी भूमिका निभाएंगे। विभाग की ओर से स्थानीय युवाओं और स्वयंसेवकों को भी सफाई व्यवस्था में शामिल किया गया है। इस अभियान में स्थानीय पंचायतों, मंदिर कमेटियों और पर्यावरण प्रेमियों का भी सहयोग लिया जा रहा है।
डीएफओ एसएस कश्यप ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों से अपील की कि बड़ादेव कमरुनाग क्षेत्र एक अत्यंत पवित्र और जैव विविधता से भरपूर इलाका है। यहां स्वच्छता बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इस मार्ग पर ‘प्लास्टिक फ्री जोन’ की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे। वहीं, कमरुनाग मंदिर में भी स्वच्छता को लेकर एक कमेटी बनाई गई है जो मेला स्थल पर दुकानदारों को सफाई व्यवस्था को लेकर सजग कर रही है।
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श्रद्धालुओं से अपील
-कचरा खुले में न फेंकें।
-डस्टबिन का करें सही इस्तेमाल।
-प्लास्टिक का कम से कम प्रयोग करें।
-पर्यावरण को स्वच्छ और सुरक्षित बनाए रखें।