मंडी। शहर में अब एक साल तक निर्माण कार्यों से निकलने वाली सामग्री की डंपिंग सुकेती में पार्किंग के लिए चिह्नित साइट पर फेंकी जा सकेगी। इसके लिए नगर परिषद से मंजूरी लेना जरूरी होगा। मलबा फेंकने के लिए मंजूरी के अलावा कुछ शुल्क भी अदा करना पड़ेगा। इसका निर्धारण किया जा रहा है।
ऐसे में अब लोग इस स्थान को डंपिंग साइट में प्रयोग कर सकेंगे। शहर के लोगों को अब खड्डों और नालों में डंपिंग करने पर सख्त मनाही रहेगी। अवहेलना करने या डंपिंग करते पकड़े जाने पर डंपिंग करने वालों, मजदूरों और वाहनों को जब्त कर उन पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि मंडी शहर में भवन निर्माण के चलते भवन मालिकों द्वारा मजदूरों व वाहनों के माध्यम से मलबे को खड्डों और नालों में फेंका जा रहा है। इससे जल प्रदूषण हो रहा है, वहीं खड्डों व नालों का दायरा भी कम होने लगा है। नगर परिषद ने समय-समय पर कार्रवाई करते हुए डंपिंग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी अमल में लाई है। अब नगर परिषद की लोक निर्माण विभाग के साथ एक वर्ष तक बाईपास पर बनाई जा रही पार्किँग में डंपिंग करवाने को लेकर सहमति बनी है। नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी बीआर नेगी ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि अब लोग बाईपास पर बन रही पार्किंग स्थल पर डंपिंग कर सकते हैं।