गोहर (मंडी)। बड़ादेव कमरुनाग में बर्फबारी के चलते मंदिर कमेटी ने देवता के कपाट बंद कर दिए हैं। देवता के गूर देवी सिंह ने कपाट बंद किए जाने की पुष्टि की है।
अब श्रद्धालु और पर्यटक अप्रैल में ही देव कमरुनाग के दर्शन कर सकेंगे। सर्दियों के मौसम में बर्फबारी के कारण देव कमरुनाग और माता शिकारी देवी मंदिर को करीब चार माह के लिए बंद कर दिया जाता है। देव कमरुनाग को मंडी जनपद के सबसे बड़े देवता के रूप में पूजा जाता है। क्षेत्र के किसान-बागवान अच्छी बारिश और फसल की कामना को लेकर देव कमरुनाग में शीश नवाते हैं। कपाट बंद होने के साथ ही प्रशासन और मंदिर कमेटी ने श्रद्धालुओं से मौसम को देखते हुए यात्रा से परहेज करने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
बीते साल फंसे थे पर्यटक
बीते साल आठ मार्च को पंजाब के आठ पर्यटक बड़ादेव कमरुनाग के मूल मंदिर कमराह पहुंचे थे। शून्य डिग्री सेल्सियस तापमान में फंसने के बाद गोहर पुलिस ने स्थानीय ग्रामीणों की मदद से पूरी रात रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर पर्यटकों को सुबह पांच बजे सड़क तक सुरक्षित निकाला था। इससे पहले भी बर्फबारी के दौरान कमरुनाग मंदिर के आस पास के क्षेत्रों में पर्यटकों के फंसने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
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