मंडी। बारिश न होने से प्रदेशभर में शुष्क ठंड बढ़ गई है। ऐसे में सर्दी-खांसी, जुकाम और निमोनिया के मरीजों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जोनल अस्पताल मंडी में ही रोजाना शुष्क सर्दी की चपेट में आने वाले हर उम्र के करीब डेढ़ से दौ मरीजों की ओपीडी दर्ज की जा रही है। इनमें छोटे बच्चों की ओपीडी सबसे ज्यादा है। चिकित्सकों की ओर से सर्दी, खांसी और निमोनिया के बचाव के लिए दवाई के साथ विशेष टिप्स भी दिए जा रहे हैं। जोनल अस्पताल में सुबह से ही पर्ची काउंटर से लेकर ओपीडी तक मरीजों की भीड़ जुट रही है। ऐसे में जरूरी होने पर ही डॉक्टर की ओर से कोविड टेस्ट करवाने की सलाह दी जा रही है, ताकि समय पर संक्रमण का पता चलने पर उससे निपटा जा सके। मंडी जिला में बारिश न होने से शुष्क ठंड का प्रकोप बढ़ गया है। यदि दो चार दिन में बारिश नहीं होती है तो स्थिति और भी खराब हो सकती है।
उरला निवासी राधा ने बताया कि उनके दस साल के बेटे को पिछले एक सप्ताह से सर्दी-खांसी की शिकायत है। अपने स्तर दवाई देते रहे, लेकिन फर्क न पड़ने पर अब मंडी असपताल में लाए हैं। मंडी के स्कोर निवासी हेम चंद ने बताया कि उनकी पत्नी को खांसी और बुखार के चलते अस्पताल में दाखिल करवाया है। शनिवार रात को तबीयत ज्यादा खराब हुई थी। बरयारा निवासी कांता ने बताया कि उनकी 6 साल की बेटी को खांसी और जुकाम की शिकायत है। उसे जोनल अस्पताल में जांच के लिए लाया है। डॉक्टर ने कुछ दवाइयां और सुझाव दिए हैं।
क्या कहना है चिकित्सकों का
इस बारे जोनल अस्पताल मंडी के चिकित्सा अधिकारी डॉ. आला ने बताया कि अस्पताल में सर्दी-खांसी, जुकाम, बुखार और निमोनिया के मरीज बढ़े हैं। बारिश न होने से शुष्क ठंड के चलते लोग इन रोगों की चपेट में आ रहे हैं। मरीजों को देखने के बाद यदि जरूरी हो तो ही कोविड टेस्ट लिख रहे हैं।
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सर्दी से बचने के लिए क्या करें
विशेषज्ञ चिकित्सकों के अनुसार सर्दी से बचने के लिए हर आयु वर्ग के लोग गर्म कपड़े, गर्म जुराबें, गर्म खाद्य और पेय पदार्थों में सूप आदि का सेवन कर सकते हैं। अभिभावकों को चाहिए कि वे बच्चों और बुजुर्गों का सर्दी के मौसम में विशेष ध्यान रखें। उन्हें अंदर और बाहर से गर्म कपड़े पहनाएं, ठंडे पानी से परहेज करें। उनके खान पान का विशेष ध्यान रखें।