जोगिंद्रनगर (मंडी)। नगर परिषद जोगिंद्रनगर में लावारिस कुत्तों के आतंक से आम लोगों को राहत प्रदान करने के लिए कदमताल शुरू हो गई है। जिला कांगड़ा से डॉग कैचर की टीम को कुत्तों की वैक्सीनेशन के लिए बुलाया गया है। कुत्तों की गणना पूरी होने के बाद नसबंदी अभियान भी तेज होगा। इसके लिए पार्षदों की अगुवाई में नगर परिषद के कर्मचारियों को जिम्मेवारियां भी सौंपी गई हैं।
सातों वार्डों में कुत्तों की बढ़ती संख्या को रोकने और इनकी हिंसक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए हजारों का बजट नगर परिषद खर्च करेगी। प्रति कुत्ता वैक्सीनेशन और नसबंदी पर अनुमानित एक हजार रुपये से अधिक का खर्चा भी उठाया जाएगा। शहरी क्षेत्र में लावारिस कुत्तों की पहचान के लिए इन दिनों विशेष मार्किंग भी की जा रही है।
50 से अधिक लावारिस कुत्तों की पहचान प्रथम चरण में पूरी होने के बाद अब इनकी वैक्सीनेशन और नसबंदी होगी। जोगिंद्रनगर शहर के सार्वजनिक स्थानों में लावारिस कुत्तों की बढ़ती दहशत पर भी परिषद ने संज्ञान लेते हुए इन्हें हटाने का निर्णय लिया है। बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और अस्पताल परिसर में आम लोगों की सुरक्षा के लिए लावारिस कुत्तों को डॉग शेल्टर होम में शरण दिलाने पर भी मंथन हुआ है।
नगर परिषद के उपाध्यक्ष अजय धरवाल ने बताया कि सातों वार्डों में कुत्तों की बढ़ती संख्या पर रोक लगाने के लिए नसबंदी अभियान पूरा होगा। रेबीज के संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए लावारिस कुत्तों की वैक्सीनेशन भी होगी। संवाद