जोनल अस्पताल मंडी में शनिवार को डॉक्टरों की कमी से इलाज कराने आए मरीजों को बैरंग लौटना पड़ा। अस्पताल के कुछ वार्डों में भी डॉक्टर राउंड पर नहीं गए जिससे भर्ती मरीजों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा। दरअसल जोनल अस्पताल मंडी के एक दर्जन डॉक्टर मेडिकल कॉलेज नेरचौक में (एमसीआई) मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के दौरे के कारण ज्वाइनिंग देने गए थे।
यहां पर एमसीआई की टीम ने डॉक्टरों के दस्तावेजों की व्यक्तिगत तौर पर जांच की। इन डॉक्टरों ने एमसीआई की टीम के समक्ष ज्वाइनिंग दी। इस कारण जोनल अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाएं चरामरा गई। अस्पताल में कुछ डॉक्टर अवकाश पर थे जिससे समस्या दोगुना हो गई। अस्पताल में अधिकतर डॉक्टर दोपहर बाद ही मिल सके जिससे बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं को दिक्कतें पेश आई। शुक्रवार को भी कुछ डॉक्टरों ने नेरचौक मेडिकल कॉलेज में ज्वाइनिंग दी थी।
गत दिनों मंडी अस्पताल में कुछ डॉक्टरों ने अपने दस्तावेज प्रस्तुत कर ज्वाइनिंग दी थी। यहां पर ज्वाइनिंग देने में पिछड़े डाक्टरों को विभागीय अधिकारियों को नेरचौक मेडिकल कॉलेज में एमसीआई की टीम के समक्ष प्रस्तुत होने के आदेश दिए गए थे। इस कारण डॉक्टरों को अचानक मेडिकल कॉलेज नेरचौक जाना पड़ा। बताया जा रहा है कि एमसीआई की टीम शनिवार को ही दिल्ली लौट गई।
इस कारण डॉक्टरों को कुछ घंटों के भीतर ही नेरचौक अस्पताल जाना पड़ा जिससे अस्पताल में एकाएक स्वास्थ्य सुविधाएं चरामरा गई। इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे मरीजों राहुल वैद्य, किरन, दिनेश, सार्थक ने कहा कि ओपीडी में डॉक्टर न मिलने से उन्हें निजी अस्पताल का रूख करना पड़ा। उन्होंने कहा कि यदि डॉक्टरों की ज्वाइनिंग ली जानी थी तो यह जोनल अस्पताल मंडी में भी ली जा सकती थी। इससे
एमसीआई की टीम ने डॉक्टरों के दस्तावेजों को जांचा है। इन डॉक्टरों ने मेडिकल कॉलेज में ज्वाइनिंग दी है। इस कारण ओपीडी में पहुंचने में डॉक्टरों को देरी हुई।
डा. डीआर शर्मा सीएमओ मंडी