चंबा। स्तन में गांठ को नजरअंदाज करना गंभीर पड़ सकता है। समय पर जांच और उपचार से स्तन कैंसर का पता शुरुआती चरण में लगाया जा सकता है, जिससे इलाज की संभावना बेहतर रहती है। यह बात मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य एवं मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. पंकज गुप्ता ने अखंड चंडी पैलेस में आयोजित स्तन कैंसर जागरूकता शिविर में कही।
उन्होंने कहा कि कई महिलाएं स्तन में गांठ होने पर उसे सामान्य समझकर अनदेखा कर देती हैं। ऐसे में बीमारी का पता देर से चल सकता है। शरीर में कहीं भी गांठ महसूस होने पर चिकित्सक से जांच करवानी चाहिए। हर गांठ कैंसर नहीं होती, लेकिन इसकी पुष्टि जांच से ही हो सकती है।
कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. आरुषी महाजन ने कहा कि शुरुआती चरण में उपचार शुरू होने से कैंसर को बढ़ने से रोकने और मरीज के स्वस्थ होने की संभावना बढ़ जाती है। उन्होंने महिला और पुरुष दोनों को शरीर में होने वाले असामान्य बदलावों को नजरअंदाज न करने की सलाह दी।
कैंसर को मात देने वाली महिलाओं ने साझा किए अनुभव
शिविर में कैंसर को मात दे चुकीं महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि चिकित्सकीय सलाह के अनुसार समय पर दवाएं लेने और जरूरी सावधानियां बरतने से उन्हें बीमारी से लड़ने में मदद मिली।
चिकित्सकों को भी किया जागरूक
मेडिकल कॉलेज के प्रवक्ता डॉ. मानिक सहगल ने बताया कि शिविर में चिकित्सकों को भी कैंसर के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। इस दौरान मरीजों के प्रति कर्तव्यनिष्ठा की शपथ दिलाई गई और चिकित्सा जगत की जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक किया गया।